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टोकन के माध्यम से होगा उर्वरक वितरण, पारदर्शिता के लिए नई डिजिटल प्रणाली लागू

उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने सहकारी समितियों के प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को दिया प्रशिक्षण, ग्राम स्तर पर किसानों को भी किया जाएगा जागरूक

जांजगीर-चांपा। आगामी रबी वर्ष 2026-27 में किसानों को उर्वरकों का वितरण अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए कृषि विभाग द्वारा नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत किसानों को FFS (Framework for Fertilizer Sale) सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोकन जारी कर उनकी खेती के रकबे के आधार पर उर्वरकों का वितरण किया जाएगा। नई प्रणाली के सुचारू क्रियान्वयन और संबंधित कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के उद्देश्य से शनिवार, 10 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय के सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने जिले की समस्त सेवा सहकारी समितियों के प्रबंधकों एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों को नवीन उर्वरक वितरण प्रणाली की कार्यप्रणाली, सॉफ्टवेयर के उपयोग तथा टोकन जारी करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी रबी सीजन में किसानों को उनकी खेती के रकबे के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए FFS सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा। इससे उर्वरक वितरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
 
डिजिटल व्यवस्था से उर्वरक वितरण में आएगी पारदर्शिता
उप संचालक कृषि श्री शर्मा ने कहा कि उर्वरक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने, अनियमितताओं पर अंकुश लगाने और कालाबाजारी रोकने के लिए डिजिटल व्यवस्था का प्रभावी उपयोग आवश्यक है। नई प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है। टोकन आधारित व्यवस्था से किसानों को उर्वरक प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी मिलेगी तथा वितरण व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को निर्देशित किया कि सॉफ्टवेयर का संचालन करते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें और किसानों को टोकन जारी करने से लेकर उर्वरक वितरण तक की पूरी प्रक्रिया की सही जानकारी दें, ताकि नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
 
निजी उर्वरक विक्रेताओं को भी दिया जाएगा प्रशिक्षण
नई उर्वरक वितरण प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन केवल सहकारी समितियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके लिए कृषि विभाग, सहकारिता विभाग और विपणन संघ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ निजी कृषि केंद्रों के संचालकों को भी FFS सॉफ्टवेयर की तकनीकी जानकारी दी जाएगी। इसी क्रम में आगामी कुछ दिनों में जिले के समस्त निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों के संचालकों को प्रशिक्षण देने की योजना है, ताकि सभी संबंधित केंद्र नई व्यवस्था के अनुरूप कार्य कर सकें।
 
ग्राम स्तर पर कृषि चौपाल लगाकर किसानों को करेंगे जागरूक
कृषि विभाग द्वारा आगामी सप्ताह से जिले में व्यापक जागरूकता अभियान भी शुरू किया जाएगा। इसके अंतर्गत विभाग के मैदानी अमले और सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारी ग्राम स्तर पर कृषि चौपाल आयोजित करेंगे। इन चौपालों में किसानों को नई उर्वरक वितरण प्रणाली, टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया, सॉफ्टवेयर के माध्यम से खाद वितरण तथा खेती के रकबे के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराने संबंधी जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही समिति स्तर पर भी किसानों को नई प्रणाली की जानकारी देकर उन्हें टोकन जारी करने और उर्वरक प्राप्त करने की प्रक्रिया से परिचित कराया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि रबी सीजन में किसानों को खाद लेने के लिए अनावश्यक परेशानी न हो और वे समय पर अपनी कृषि आवश्यकताओं के अनुरूप उर्वरक प्राप्त कर सकें।
 
किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने पर जोर
कृषि विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाना, किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने में सहायता करना तथा वितरण से जुड़ी अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से सहकारी समितियों, निजी विक्रेताओं एवं किसानों को नई प्रणाली से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
विभाग को उम्मीद है कि FFS सॉफ्टवेयर आधारित टोकन व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन से आगामी रबी सीजन में उर्वरक वितरण अधिक सुव्यवस्थित होगा और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आसान बनेगी।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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