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सेवा संकल्प अभियान के तहत अकलतरा में नुक्कड़ नाटक एवं चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन
सेवा सेतु ऐप के प्रति जागरूकता, राष्ट्रसेवा और विकसित भारत का संदेश लेकर आगे आए विद्यार्थी

अकलतरा। अकलतरा एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित राजेंद्र कुमार सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अकलतरा में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक एवं चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, डिजिटल सुविधाओं, स्वच्छता, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा और प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से सेवा, समर्पण तथा विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष एवं अकलतरा एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष सौरभ सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ ट्रस्ट के उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल, सचिव ईश्वर खंडेलिया, कोषाध्यक्ष स्वप्निल जैन, वरिष्ठ सदस्य अरविंद जैन, सुशील गुप्ता, विकासखंड शिक्षा अधिकारी देवकांत द्विवेदी, सी.एस. चंद्रा तथा विद्यालय के प्राचार्य आर.के. विश्वकर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सेवा सेतु ऐप की जानकारी
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। विद्यार्थियों ने नाटक के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म सेवा सेतु ऐप की जानकारी दी तथा आम नागरिकों को इसके उपयोग और लाभों से अवगत कराया। प्रस्तुति के जरिए डिजिटल माध्यमों से शासकीय सेवाओं तक पहुंच बनाने, उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करने और तकनीक के बेहतर उपयोग के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
स्वयंसेवकों ने सरल एवं रोचक संवादों के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही उपयोग नागरिकों के लिए सुविधाजनक साबित हो सकता है। विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और सामाजिक जागरूकता में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया।
सेवा के 25 वर्षों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील
मुख्य अतिथि सौरभ सिंह ने अपने उद्बोधन में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्षों के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उल्लेख करते हुए जन-जन से राष्ट्रसेवा में अपना योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सेवा की भावना केवल किसी विशेष अवसर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, अनुशासन, स्वच्छता, सामाजिक जिम्मेदारी, सेवा भावना और राष्ट्रप्रेम जैसे मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उनके भीतर विकसित होने वाले संस्कार ही समाज तथा राष्ट्र की दिशा तय करते हैं। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए एक जिम्मेदार नागरिक बनने का प्रयास करना चाहिए।
श्री सिंह ने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने, अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, जरूरतमंदों की सहायता करने और देश के विकास में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल शासन या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है।
चित्रकला प्रदर्शनी में दिखी विकसित भारत की परिकल्पना
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई चित्रकला प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों ने ‘विकसित भारत 2047’, भारतीय सेना का शौर्य, डिजिटल इंडिया सहित विभिन्न विषयों पर अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। चित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों ने देश की प्रगति, राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीकी विकास और भविष्य के भारत की तस्वीर प्रस्तुत की।
मुख्य अतिथि सौरभ सिंह सहित अन्य अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनमें राष्ट्रीय चेतना, नवाचार और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
चित्रकला प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा 1,100-1,100 रुपये की नगद राशि प्रदान कर सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया गया। इस पहल से विद्यार्थियों में रचनात्मक कार्यों के प्रति उत्साह बढ़ाने का संदेश दिया गया।
प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों को पठन सामग्री वितरित
कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र कुमार सिंह प्राथमिक शाला के सभी विद्यार्थियों को पठन सामग्री वितरित की गई। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं में सहयोग प्रदान करना था।
इसके साथ ही प्राथमिक शाला की प्रत्येक कक्षा में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यार्थियों को प्रतिमाह पुरस्कृत करने की घोषणा भी की गई। इस घोषणा से विद्यार्थियों में नियमित विद्यालय आने, पढ़ाई के प्रति जिम्मेदारी निभाने और अनुशासन बनाए रखने की प्रेरणा मिलेगी। नियमित उपस्थिति को प्रोत्साहित करने की यह पहल शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद वंदे मातरम् गीत के माध्यम से कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई। पूरे आयोजन में विद्यार्थियों की सहभागिता, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी आर.के. पाण्डेय ने किया। उन्होंने आयोजन की गतिविधियों को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों एवं उपस्थित अतिथियों की सहभागिता को सराहा।
जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और नागरिकों की रही सहभागिता
इस अवसर पर पार्षद पुरुषोत्तम नामदेव, दिनेश दास, दारा मिश्रा, श्याम चरण चौधरी, भारती देवांगन, मनोज मिश्रा, चंदन शर्मा, आशीष प्रसाद, संतोष दुबे, संतन रात्रे, अनिल दुबे, संजय कश्यप, रेनू अग्रवाल, करण सिंह चंदेल, जे.के. नेशनल स्कूल के एडमिन एवं स्टाफ, उमाशंकर निर्मलकर, संजू सिंह, जितेंद्र सारथी, धीरेंद्र कुमार सिंह प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक रवि वर्मा एवं विद्यालय स्टाफ, दिशा अकलतरा फाउंडेशन के कर्मचारी, राजेंद्र कुमार सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के समस्त शिक्षक-कर्मचारी, अकलतरा नगर के गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने, डिजिटल सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका समझने का अवसर प्रदान किया। नुक्कड़ नाटक, चित्रकला प्रदर्शनी, विद्यार्थियों का सम्मान तथा पठन सामग्री वितरण जैसी गतिविधियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सेवा, शिक्षा, अनुशासन और जागरूकता के समन्वय से ही एक जिम्मेदार समाज और विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव है।



