यूरिया की अधिक कीमत पर बिक्री की शिकायत पर उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस निरस्त
मेसर्स ओम प्रकाश मित्तल पर कृषि विभाग की कार्रवाई, निरीक्षण में अनियमितता मिलने पर तत्काल प्रभाव से लाइसेंस रद्द

जांजगीर-चांपा। जिले में किसानों को निर्धारित शासकीय दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार निगरानी और निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विकासखंड बलौदा स्थित मेसर्स ओम प्रकाश मित्तल उर्वरक विक्रेता के खिलाफ प्राप्त शिकायत की जांच के बाद कृषि विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उसका उर्वरक विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
उप संचालक कृषि जिला जांजगीर-चांपा के निर्देश पर 27 अगस्त 2026 को विकासखंड स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा मेसर्स ओम प्रकाश मित्तल के उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया गया। यह कार्रवाई प्रतिष्ठान द्वारा यूरिया उर्वरक को शासकीय निर्धारित दर से अधिक कीमत पर विक्रय किए जाने की शिकायत के संबंध में की गई थी।
निर्धारित स्थल पर भी नहीं मिला उर्वरक विक्रय
निरीक्षण के दौरान टीम को एक महत्वपूर्ण अनियमितता सामने आई। उर्वरक विक्रेता द्वारा अधिसूचित प्राधिकारी (उर्वरक) की ओर से जारी नक्शे में दर्ज विक्रय स्थल पर उर्वरक का विक्रय करते हुए नहीं पाया गया। इसके अलावा यूरिया को शासकीय दर से अधिक मूल्य पर बेचे जाने संबंधी शिकायत के संबंध में विक्रेता द्वारा निरीक्षण दल के समक्ष संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
निरीक्षण के दौरान सामने आई इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई की और मेसर्स ओम प्रकाश मित्तल का उर्वरक विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।
किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने पर जोर
उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने कहा कि किसानों को खाद एवं उर्वरक निर्धारित शासकीय दर पर सहज रूप से उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उर्वरक के दर निर्धारण, भंडारण अथवा वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों की लगातार जांच की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन, निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री अथवा वितरण में अनियमितता पाई जाएगी, वहां संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
कृषि विभाग की इस कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में भी हड़कंप की स्थिति है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरक की उपलब्धता निर्धारित दर पर सुनिश्चित हो सके।



