संगोष्ठी में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ मछली पालन, सब्जी उत्पादन और कुक्कुट पालन जैसी कृषि आधारित गतिविधियों की जानकारी दी गई। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, गुणवत्तापूर्ण बीज तथा उन्नत कृषि तकनीकों के संबंध में मार्गदर्शन दिया। इस दौरान किसानों की समस्याओं एवं सुझावों को भी सुना गया। किसानों को प्रक्षेत्र भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने आधुनिक कृषि पद्धतियों का अवलोकन कर उनके बारे में जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान विधायक ब्यास कश्यप सहित जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न स्टॉलों एवं कृषि यंत्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विधायक ब्यास कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि जांजगीर-चांपा जिला कृषि की दृष्टि से समृद्ध है। समतल भूमि, नहरों एवं पर्याप्त जल संसाधनों की उपलब्धता के कारण जिले में कृषि की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने किसानों से धान की फसल के साथ-साथ अन्य फसलों को भी बढ़ावा देने और फसल चक्र अपनाने की अपील की। उन्होंने गेहूं, चना सहित अन्य फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने तथा खेतों की मेड़ एवं उपलब्ध अतिरिक्त भूमि का भी बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर जनपद सदस्य टंकेश्वर यादव, प्रगतिशील कृषक दुष्यंत सिंह, जर्वे सरपंच कोमल कश्यप, शाकम्भरी बोर्ड के सदस्य बसंत पटेल सनत कुमार पटेल, शिवकुमार तिवारी, संदीप तिवारी सहित संबंधित कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।