दिल्ली में CJP प्रदर्शन से पहले बड़ा एक्शन, अभिजीत दीपके-आशुतोष रांका और सौरव दास हिरासत में; रिहाई की मांग

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन प्रस्तावित था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। इस बीच CJP के प्रमुख अभिजीत aदीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। पार्टी ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग की है।
दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, प्रदर्शनकारियों को रोकने की तैयारी
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती की गई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राजधानी में 30 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई। नई दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई। पुलिस का उद्देश्य बिना अनुमति होने वाले जमावड़े को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है।
प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, जबकि पुलिस उन्हें निर्धारित क्षेत्रों में इकट्ठा होने से रोक रही थी। CJP नेताओं की हिरासत के बाद पार्टी ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उनकी रिहाई की मांग की।
45 मेट्रो स्टेशन प्रभावित, 200 से ज्यादा ट्रेनों पर असर
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में यातायात और सार्वजनिक परिवहन पर भी असर पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था के तहत 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद करने की योजना लागू की गई। वहीं, रेलवे ने राजधानी से आने-जाने वाली बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द किया या उनके संचालन में बदलाव किया। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 245 ट्रेनों को रद्द किया गया।
इसके अलावा, नई दिल्ली के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने के आदेश भी दिए गए। इन कदमों से आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और लोगों को यात्रा से पहले परिवहन संबंधी अपडेट देखने की सलाह दी गई।
क्या हैं CJP की मांगें?
कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग कर रही है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव को लेकर गंभीर सवाल हैं और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। निर्वाचन आयोग की ओर से SIR प्रक्रिया को लेकर अलग पक्ष रखा गया है।
CJP ने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा बताया है। वहीं, पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम किए हैं।दिल्ली में हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई की मांग के बीच यह मामला राजनीतिक रूप से चर्चा में है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या और सभी व्यक्तियों की मौजूदा स्थिति की आधिकारिक पुष्टि अलग से आवश्यक है।



