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जन्माष्टमी के अवसर पर कान्हा के रंग में रंगा जय भारत स्कूल

जांजगीर-चांपा। एचजीएम जय भारत इंग्लिश मीडियम स्कूल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, उमंग और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यालय परिसर पूरी तरह कृष्णमय नजर आया। बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अभिभावकों के उत्साह ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण फूलों की होली रही। रंग-बिरंगे फूलों के बीच बच्चों और अभिभावकों ने कृष्ण भक्ति में झूमते हुए उत्सव का भरपूर आनंद लिया। फूलों की होली ने पूरे वातावरण को आनंद, उमंग और भक्ति से सराबोर कर दिया।
विशेष रूप से नंद बाबा, माता यशोदा एवं कान्हा की भूमिका में अभिभावकों ने पारंपरिक वेशभूषा में शानदार प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। माता यशोदा, नंद बाबा और बाल कृष्ण के बीच प्रस्तुत संवाद एवं अभिनय ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
विद्यालय के विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को सुंदर रूप में प्रस्तुत किया। बच्चों की प्रस्तुतियों में भक्ति के साथ-साथ मस्ती और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। शानदार प्रस्तुति पर विद्यालय द्वारा बच्चों को पुरस्कृत किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने कार्यक्रम की जमकर सराहना की। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं धार्मिक परंपराओं के प्रति प्रेम और जागरूकता बढ़ाते हैं। अभिभावकों ने कार्यक्रम को अत्यंत सुंदर, जीवंत एवं यादगार बताया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या गुरमीत कौर धनजल, विद्यालय अध्यक्ष अशोक कुमार गट्टानी,संचालक अजय कुमार गट्टानी प्रबंध समिति की सदस्य श्रीमती गंगा गट्टानी, सुनीता गट्टानी एवं हर्षिनी गट्टानी, स्कूल के सीईओ हर्षित गट्टानी तथा जज के रूप में विराजमान कल्पना केशरवानी और सीता पांडे मैम विशेष रूप से उपस्थित रहीं। विद्यालय प्राचार्या ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं हमारी समृद्ध परंपराओं से जोड़ने के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान करते हैं। जन्माष्टमी का यह आयोजन भक्ति, संस्कृति, मनोरंजन और उत्साह का शानदार संगम बनकर यादगार रहा।



