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सेवा संकल्प शिविर में विद्यार्थियों के साथ डीईओ एम.पी. सिंह ने बिताए आत्मीय पल, बच्चों का बढ़ाया उत्साह
नुक्कड़ नाटक में विद्यार्थियों की प्रतिभा से प्रभावित हुए जिला शिक्षा अधिकारी, बच्चों के साथ खिंचवाई ग्रुप फोटो; प्रोत्साहन से बढ़ा छात्र-छात्राओं का आत्मविश्वास

जांजगीर-चांपा। ग्राम पोंडीशंकर में आयोजित सेवा संकल्प शिविर के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी एम.पी. सिंह का विद्यार्थियों के साथ आत्मीय संवाद और प्रोत्साहन का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। शिविर स्थल पर शासकीय हाई स्कूल पोंडीशंकर के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक में भाग लेने वाले बच्चों की प्रतिभा, उत्साह और आत्मविश्वास ने जिला शिक्षा अधिकारी को प्रभावित किया। विद्यार्थियों के प्रदर्शन से प्रसन्न होकर उन्होंने बच्चों के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाने की इच्छा व्यक्त की। डीईओ की इस सहज और आत्मीय पहल से विद्यार्थी एवं शिक्षकगण बेहद उत्साहित नजर आए।
विद्यार्थियों के लिए यह पल खास बन गया। एक वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी का इस तरह बच्चों के बीच पहुंचकर उनकी प्रतिभा की सराहना करना और उनके साथ यादगार तस्वीर खिंचवाना विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक अनुभव रहा। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। शिक्षकों ने भी इस पहल को विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने वाला कदम बताया।
नुक्कड़ नाटक के जरिए विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
सेवा संकल्प शिविर में शासकीय हाई स्कूल पोंडीशंकर के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। नुक्कड़ नाटक जैसे रचनात्मक माध्यम विद्यार्थियों को अपनी बात प्रभावशाली ढंग से रखने, सामाजिक विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सामूहिक रूप से कार्य करने का अवसर प्रदान करते हैं। विद्यार्थियों की इसी सक्रिय भागीदारी और उत्साह ने जिला शिक्षा अधिकारी का ध्यान आकर्षित किया।
डीईओ एम.पी. सिंह ने विद्यार्थियों के साथ तस्वीर खिंचवाकर उन्हें प्रोत्साहित किया। यह पहल इस बात का संदेश देती है कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानना, उनकी उपलब्धियों की सराहना करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अधिकारी और विद्यार्थियों के बीच अपनत्व की मिसाल
शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को मजबूत करना भी है। ऐसे अवसर बच्चों को यह एहसास कराते हैं कि उनकी मेहनत और प्रतिभा को महत्व दिया जाता है। जिला शिक्षा अधिकारी का विद्यार्थियों के साथ सहजता से जुड़ना इसी सकारात्मक सोच का उदाहरण बना।
शिविर में खिंचवाई गई यह समूह तस्वीर विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एक यादगार स्मृति बन गई। यह तस्वीर केवल एक औपचारिक आयोजन का हिस्सा नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग और विद्यार्थियों के बीच संवाद, प्रोत्साहन तथा आत्मीयता की सुंदर मिसाल के रूप में सामने आई।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष सलाहकार गोकुल जायसवाल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसंत चतुर्वेदी, बीआरसी हिरेंद्र बेहार, ब्लॉक परियोजना अधिकारी साक्षर भारत डॉ. उमेश दुबे, प्राचार्य रामकृपाल डडसेना, व्याख्याता के.बी. गढ़ेवाल, संकुल समन्वयक भूषण देवांगन, संकुल समन्वयक विकेश केशरवानी, प्रधान पाठक गीता दुबे, शिक्षक शैलेष दुबे, पूर्णेन्द यादव, पूर्णिमा जायसवाल, नरेंद्र साहू, प्रधान पाठक जगेंद्र वस्त्रकार, प्रधान पाठक उदिता सिंह सिसोदिया, सरोज बंजारे और विजय कुमार पटेल सहित छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
सेवा संकल्प शिविर में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और जिला शिक्षा अधिकारी की प्रोत्साहनपूर्ण पहल ने आयोजन को यादगार बना दिया। बच्चों का उत्साह, शिक्षकों की सहभागिता और अधिकारियों का सकारात्मक संवाद शिक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देता नजर आया। ऐसे छोटे-छोटे प्रोत्साहन विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार करते हैं और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
विद्यार्थियों का उत्साह, शिक्षा विभाग का प्रोत्साहन और आत्मीय संवाद—यही सेवा संकल्प की नई पहचान है।



