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पामगढ़ डबल मर्डर केस का पुलिस ने किया पर्दाफाश, दस लाख रुपये के लेनदेन में रची गई हत्या की साजिश
शराब में सुहागा मिलाकर पिलाने का आरोप, जोहित खरे और रामखिलावन जांगड़े की मौत के मामले में राजा उर्फ कमलनाथ खरे गिरफ्तार, साइबर तकनीकी साक्ष्य, गवाहों के बयान और घटनास्थल के पुनर्निर्माण से जांच को मिली दिशा, आरोपी की निशानदेही पर शराब की खाली बोतल और सुहागा की पुड़िया जब्त

जांजगीर-चांपा। जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुटराबोड़ हेलीपैड के पास शराब पीने के बाद दो लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने हत्या की साजिश का खुलासा करने का दावा किया है। मृतक जोहित खरे और रामखिलावन जांगड़े की मौत के मामले में पुलिस ने ग्राम पनगांव निवासी राजा उर्फ कमलनाथ खरे को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या की इस वारदात के पीछे दस लाख रुपये का लेनदेन और रकम वापस करने को लेकर चल रहा विवाद मुख्य वजह था। आरोपी पर आरोप है कि उसने अपने परिचितों को शराब में सुहागा मिलाकर पिलाया, जिसके बाद दोनों की तबीयत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल के पास से शराब की खाली बोतल और सुहागा की पुड़िया भी जब्त की है।
शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत, उपचार के दौरान दोनों की मौत
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 की रात ग्राम कुटराबोड़ स्थित हेलीपैड के पास एक चखना दुकान में शराब पीने के बाद ग्राम पनगांव निवासी जोहित खरे और ग्राम नेवराबंद निवासी रामखिलावन जांगड़े की तबीयत अचानक बिगड़ गई। दोनों की हालत गंभीर होने पर उन्हें उपचार के लिए बिलासपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जोहित खरे को अपोलो अस्पताल और रामखिलावन जांगड़े को सिम्स अस्पताल बिलासपुर में उपचार के लिए ले जाया गया, जहां 24 अक्टूबर को दोनों की मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद पामगढ़ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने सिम्स अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और मृतकों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर दिए जाने की आशंका सामने आने के बाद पुलिस ने परिजनों से पूछताछ कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया।
बेटी के बयान से सामने आया दस लाख रुपये के लेनदेन का विवाद
जांच के दौरान मृतक जोहित खरे की बेटी मनीषा खरे से पूछताछ की गई। मनीषा ने पुलिस को बताया कि ग्राम पनगांव निवासी राजा उर्फ कमलनाथ खरे ने करीब चार महीने पहले उनके पिता से घरेलू खर्च के लिए दस लाख रुपये उधार लिए थे। आरोपी ने रकम जल्द वापस करने का भरोसा दिया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी रुपये वापस नहीं किए गए।
मनीषा के अनुसार, कुछ दिन पहले राजा खरे ने उनके पिता को 5 लाख 50 हजार रुपये और 6 लाख रुपये के दो चेक दिए थे। जब इन चेकों को बैंक में जमा कर रकम निकालने का प्रयास किया गया, तो दोनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद जोहित खरे लगातार अपनी उधार दी गई रकम वापस मांग रहे थे।
मनीषा ने बताया कि 23 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे उनके पिता ने राजा खरे को फोन कर पूछा था कि वह रुपये कब लौटाएगा। इस पर राजा ने शाम को मिलने और रकम देने की बात कही थी। पुलिस के अनुसार, इसी लेनदेन को लेकर दोनों के बीच तनाव चल रहा था।
हेलीपैड के पास बुलाकर शराब पिलाने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन राजा उर्फ कमलनाथ खरे ने मुकेश कश्यप के माध्यम से इम्पीरियल ब्लू ब्रांड की तीन क्वार्टर शराब खरीदी थी। पूछताछ में मुकेश कश्यप ने शराब खरीदकर राजा को देने की बात बताई। इसके बाद दोनों ने एक क्वार्टर शराब पीना शुरू किया।
इसी दौरान राजा खरे ने जोहित खरे और रामखिलावन जांगड़े को फोन कर कुटराबोड़ हेलीपैड के पास बुलाया। दोनों के वहां पहुंचने पर आरोपी ने कथित तौर पर अपने पास रखी पुड़िया से सुहागा निकालकर शराब के एक क्वार्टर में मिला दिया। इसके बाद उसने वह शराब दोनों को पीने के लिए दी।
पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान एक पुलिस जैसी दिखने वाली गाड़ी को आते देखकर मुकेश कश्यप वहां से भाग गया। शराब पीने के बाद जोहित खरे और रामखिलावन जांगड़े की तबीयत बिगड़ने लगी। दोनों को पेट दर्द होने और आंखों के सामने अंधेरा छाने जैसी परेशानी हुई। बाद में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।
दस लाख रुपये वापस करने के दबाव में हत्या की योजना बनाने की बात
पुलिस के अनुसार, राजा उर्फ कमलनाथ खरे को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। उस समय उसकी तबीयत खराब होने की बात सामने आने पर उसे सिम्स अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया गया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसे थाने लाकर आगे पूछताछ की गई।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने जोहित खरे से अलग-अलग किस्तों में कुल दस लाख रुपये उधार लेने की बात स्वीकार की। आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि ट्रेडिंग में नुकसान होने के कारण वह आर्थिक परेशानी से जूझ रहा था। जोहित खरे लगातार रकम वापस करने के लिए दबाव बना रहे थे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था।
पुलिस के मुताबिक, इसी परेशानी से बचने के लिए आरोपी ने जोहित खरे की हत्या करने की योजना बनाई। इसके तहत उसने मुकेश कश्यप से शराब मंगवाई और बाद में जोहित खरे तथा रामखिलावन जांगड़े को बुलाकर कथित तौर पर सुहागा मिली शराब पिलाई। दोनों की तबीयत बिगड़ने पर आरोपी के वहां से चले जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
साइबर तकनीकी साक्ष्य और घटनास्थल के पुनर्निर्माण से जांच को मिली दिशा
इस मामले में पुलिस ने केवल पूछताछ पर निर्भर रहने के बजाय विभिन्न पहलुओं की जांच की। पुलिस के अनुसार, साइबर तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया, गवाहों के कथनों का परीक्षण किया गया और घटनास्थल का पुनर्निर्माण कर घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया गया। इन सभी पहलुओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।
आरोपी राजा उर्फ कमलनाथ खरे की निशानदेही पर घटनास्थल के पास से शराब की खाली बोतल और सुहागा की पुड़िया जब्त की गई है। पुलिस ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा
जांजगीर-चांपा पुलिस के अनुसार, मृतक जोहित खरे की बेटी मनीषा खरे की लिखित रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना की गई। जांच के बाद राजा उर्फ कमलनाथ खरे, निवासी ग्राम पनगांव, थाना पामगढ़, को विधिवत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
दस लाख रुपये के कथित लेनदेन से शुरू हुआ विवाद दो लोगों की मौत तक पहुंचने के इस मामले ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।



