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गड़बड़ी: कोटेतरा सरपंच-सचिव पर कागजों में कार्य दिखाकर रुपए निकालने का आरोप, ग्राम पंचायत कोटेतरा के ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौपेंगे ज्ञापन…

गड़बड़ी: कोटेतरा सरपंच-सचिव पर कागजों में कार्य दिखाकर रुपए निकालने का आरोप
 
ग्राम पंचायत कोटेतरा के ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौपेंगे ज्ञापन
 
सक्ति-जैजैपुर। जैजैपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोटेतरा में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। इसमें सरपंच सचिव व रोजगार सहायक मिलकर शासन की योजनाओं में गड़बड़ी कर रहे हैं। बता दें कि जिला विकास निधि के अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल में शौचालय निर्माण कार्य कराया जाना था। जो सिर्फ कागजों पर ही दिख रहा है। स्कूल में इसका नामो निशान नहीं दिख रहा है। इसमें फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपए का गोलमाल किया गया है। लेकिन इसमें कहीं कोई भी कार्य शुरू ही नहीं हुआ है। इसका पैसा भी लगभग डेढ़ साल पूर्व निकाल लिया गया है। बात इस साल की करें या पिछले साल की दोनों ही वर्ष में कई फर्जीवाड़ा किए गए हैं।
ग्रामीण बोले- 
पहले कई बार कर चुके हैं शिकायत, नहीं कराई गई जांच ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ शिकायत संबंधित विभाग में की थी। इसके बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसके चलते गलत तरीके से कागजों पर कार्य दिखाकर राशि का आहरण करने के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए जिला पंचायत सदस्य माधुरी चन्द्रा ने अपने निधि से राशि स्वीकृत कराई गई थी जिसकी प्रथम क़िस्त सरपंच के द्वारा आहरण कर ली गई है और पैसे का बंदर बांट हो गया और स्कूल में शौचालय तक नही बन पाया और गर्मी छुट्टियां के बाद स्कूल भी खुल गए और बरसात भी लग गई।
जैजैपुर सीईओ जानकार भी अनजान
आपको बता दे कि बहुत दिनों बाद जैजैपुर जनपद में ईमानदार सीईओ पदस्थ हुए है और सरपंच सचिवों खुश है क्योंकि किसी को भी कुछ नही बोलती है चाहे सरपंच सचिव सरकारी राशि डकार ली जाए इनको कुछ फर्क नही पड़ती है। जनपद पंचायत कार्यालय और ग्राम पंचायत में कोई कसावट नही लाई गई बल्कि जिसको जो उचित लगे वैसे काम करे खुली छूट दे दी गई है यह अधिकारी सबके चहेते है और इसके खिलाफ कुछ खबर चाहे पेपर में या सोशल मीडिया में आते है तो भ्रष्टाचारी कर्मचारियों में बौखलाहट सी हो जाती है और तरह तरह की बयान बाजी करने लग जाती है लेकिन शासन प्रशासन के लिए भी नियमानुसार कानून भी बनाये गए है इसका पालन क्यो नही की जाती है।
बिना कार्य कराए ही पैसे निकालने से ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। ग्रामीणों ने स्कूल में शौचालय निर्माण की कार्य शुरू करवाने के लिए अनेको बार जनपद सीईओ से मिलकर अवगत कराया जा चुका है उसके बाद भी संज्ञान नही लेना बल्कि सरपंच की मदद करने का आरोप लग रहा है।
केस नम्बर 01
आपको बता दे कि शासकीय हाई स्कूल में जिला पंचायत सदस्य की निधि से शौचालय निर्माण की स्वीकृति  लगभग डेढ़ से दो साल पूर्व हुआ है जिसकी प्रथम क़िस्त सरपँच द्वारा निकाल लिया गया है उक्त शौचालय की आज पर्यन्त तक प्रारम्भ नही किया गया है बल्कि बिल व्हाउचर लगाकर आडिट तक किये जा चुके है।
केस नम्बर 02
विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जूना तालाब के पार पर मरम्मत के नाम पर राशि आहरण सरपँच द्वारा किया गया है जो आज पर्यन्त तक एक ट्रेक्टर मुरुम तक नही गिराया गया है।
केस नम्बर 3
आपको बता दे कि स्कूलों में टेप नल की स्थापित किया जा रहा था जिसमे एक स्कूल ऐसा भी है जहां पर टेपनल मोटर पंप स्थापित ही नही किया गया और उप अभियंता से मिलीभगत कर मूल्यांकन करा लिया गया है और उसका भी राशि आहरण किये जाने की आरोप है।
ग्राम पंचायत कोटेतरा में तीन वर्षों की कार्यो का भौतिक सत्यापन करने की जरूरत
अगर सत्र 2020 से आज पर्यन्त तक कि पंचायत की विभिन्न योजनाओं के तहत किये गए निर्माण कार्यो की भौतिक सत्यापन किया जाए तो लाखों रुपये की भ्रष्टाचार उजागर होने की संभावना है। कार्यों की उप अभियंता द्वारा मूल्यांकन एवं एसडीओ द्वारा भौतिक सत्यापन कार्य स्थल पर जाकर कार्य को देख कर किया जाता है। फिलहाल यहां ऐसा कुछ नहीं किया गया है। यहां के उप अभियंता धनंजय चन्द्रा हैं जो सारे सत्यापन घर बैठे ही कर रहे हैं। इसके चलते लोगों को पता ही नहीं है  क्योंकि सरकार ने तमाम अधिकारी और उप अभियंता रखे हैं। वही लाेग भारी लापरवाही बरत रहे हैं।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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