Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

US-Iran तनाव के बीच रूस की एंट्री पुतिन से मिलेंगे ईरानी विदेश मंत्री, बन सकते हैं निर्णायक फैक्टर

न्यूज डेस्क : पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की कोशिश नाकाम रहने के बाद अब वैश्विक कूटनीति का फोकस रूस की ओर शिफ्ट हो गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची सोमवार को मॉस्को पहुंचकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। यह बैठक मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच बेहद अहम मानी जा रही है।

पाकिस्तान में विफल रही मध्यस्थता
इस्लामाबाद में हुई बैठकों के बावजूद ईरान और अमेरिका के बीच कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी। पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच संवाद स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन प्रत्यक्ष बातचीत तक नहीं हो पाई।

See also  छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं को लगेगा झटका’ जून से बढ़ सकते हैं दाम, जानिए आपके बिल पर कितना पड़ेगा असर

ईरान ने स्पष्ट कर दिया कि वह अमेरिकी प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत के लिए तैयार नहीं है और केवल परोक्ष वार्ता ही संभव है।

अब रूस पर टिकी वैश्विक उम्मीदें
ईरानी विदेश मंत्री अरागची का रूस दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। मॉस्को में वह पुतिन और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ सीजफायर, क्षेत्रीय सुरक्षा और आगे की कूटनीतिक रणनीति पर चर्चा करेंगे।

बताया जा रहा है कि अरागची इस बैठक में अमेरिका और इजराइल से जुड़े मौजूदा हालात पर विस्तृत रिपोर्ट भी पेश करेंगे।

Advertisment

होर्मुज स्ट्रेट बना टकराव का केंद्र
मिडिल ईस्ट संकट के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बना हुआ है। ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग पर नियंत्रण सख्त कर दिया है, जबकि अमेरिका ने ईरानी पोर्ट्स पर दबाव बढ़ाया है।इसका असर वैश्विक तेल और गैस सप्लाई पर पड़ रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।

See also  सी-विजिल एप से कर सकेंगे आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत...

बढ़ता आर्थिक और मानवीय संकट
लगभग दो महीने से जारी इस संघर्ष में हजारों लोगों की जान जा चुकी है और कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। तेल, गैस और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई बाधित होने से वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।सीजफायर की कोशिशों के बावजूद हालात पूरी तरह नियंत्रण में नहीं हैं।

ट्रंप का बदला रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि फिलहाल वे प्रतिनिधिमंडल भेजने के बजाय फोन पर बातचीत को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपनी शर्तों पर ही आगे बढ़ेगा, खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर।

See also  West Bengal Election 2026 : चुनावी भविष्यवाणी: बंगाल के पहले चरण में 110 और असम में 100 पार जाएगी भाजपा— सीएम हिमंत बिस्वा

आगे क्या?
अब सबकी नजर मॉस्को में होने वाली इस अहम मुलाकात पर टिकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रूस इस कूटनीतिक पहल में सक्रिय भूमिका निभाता है, तो मिडिल ईस्ट में शांति की दिशा में कोई ठोस रास्ता निकल सकता है।हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए समाधान अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!