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Trump ने साइन किया नया Tariff Bill, भारत-चीन समेत इन देशों पर लग सकता है 100 फीसदी टैरिफ!

Donald Trump New Tariff Bill: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान पर प्रतिबंध से जुड़े एक नए कानून पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कानून के तहत रूस और ईरान से ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने का प्रावधान बताया गया है। इसके चलते भारत और चीन जैसे देशों पर भी 100 फीसदी तक टैरिफ लगाए जाने की संभावना चर्चा में है।हालांकि, किसी देश पर कितना टैरिफ लगाया जाएगा, इसका अंतिम फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के पास रहेगा। यानी कानून बनने के बाद भी भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगना तय नहीं है।

दिए गए विवरण के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने 16 सितंबर को इस बिल को मंजूरी दी। वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 262 और विरोध में 159 वोट पड़े। इससे पहले अमेरिकी सीनेट भी अगस्त में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी थी। दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद बिल राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया था।अब ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद यह कानून प्रभावी प्रक्रिया में आगे बढ़ गया है। इसके तहत रूस और ईरान के साथ ऊर्जा कारोबार करने वाले देशों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डालने का रास्ता तैयार किया गया है।

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भारत और चीन पर क्यों पड़ सकता है असर?

इस कानून का मुख्य फोकस रूस और ईरान से ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले देशों पर है। भारत और चीन रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा उत्पाद खरीदते हैं। ऐसे में नए अमेरिकी प्रतिबंधों का असर दोनों देशों के व्यापार पर पड़ सकता है।प्रस्तावित व्यवस्था में अमेरिकी राष्ट्रपति को अलग-अलग देशों पर टैरिफ तय करने का अधिकार दिया गया है। इसलिए भारत पर 100 फीसदी टैरिफ की संभावना कानून में अधिकतम स्तर के रूप में चर्चा में है, लेकिन इसे तत्काल लागू टैरिफ के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान का भी जिक्र

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इस कानून के दायरे में रूस और ईरान से जुड़े ऊर्जा कारोबार वाले कई देशों को रखा गया है। दिए गए विवरण में स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान का भी उल्लेख किया गया है।कानून के तहत अमेरिकी प्रतिनिधियों को नियुक्त किए जाने की बात कही गई है। ये प्रतिनिधि हर 180 दिन में स्थिति का आकलन करेंगे। इसके आधार पर प्रतिबंधों और टैरिफ से जुड़ी आगे की कार्रवाई का मूल्यांकन किया जा सकता है।

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रूस के अधिकारियों और बैंकों पर भी नजर

दिए गए विवरण के मुताबिक, कानून में केवल ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर टैरिफ की बात नहीं है। इसमें रूस के अधिकारियों, बैंकों और कथित ‘शैडो फ्लीट’ को भी निशाना बनाने वाले प्रावधान शामिल हैं। कानून रूस से जुड़े प्रतिबंधों और टैरिफ के दायरे को बढ़ाने की व्यवस्था करता है। साथ ही ईरान पर पहले से लागू कुछ प्रतिबंधों को आगे जारी रखने का भी प्रावधान बताया गया है। इसका उद्देश्य रूस और ईरान की ऊर्जा तथा वित्तीय गतिविधियों पर आर्थिक दबाव बढ़ाना बताया गया है।

भारत की ऊर्जा जरूरतों पर क्या असर?

भारत रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदता है। दिए गए स्रोत के अनुसार, भारत अपनी ऊर्जा जरूरत का करीब 40 फीसदी हिस्सा रूस से आयात करता है।भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि देश की प्राथमिकता 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा है। भारत अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा हासिल करने की अपनी नीति जारी रखेगा।इससे संकेत मिलता है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग देशों और स्रोतों से आयात बनाए रखने पर जोर दे रहा है।

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100 फीसदी टैरिफ अभी तय नहीं

Donald Trump New Tariff Bill को लेकर सबसे अहम बात यह है कि भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाया जाना फिलहाल एक संभावित कार्रवाई के तौर पर सामने आया है। अंतिम दर अमेरिकी प्रशासन तय करेगा।इसलिए कानून पर हस्ताक्षर होने का मतलब यह नहीं है कि भारत पर तुरंत 100 फीसदी टैरिफ लागू हो गया है। आगे अमेरिकी प्रशासन की ओर से लिए जाने वाले फैसलों से ही स्पष्ट होगा कि भारत समेत अलग-अलग देशों पर कितनी दर लागू होती है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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