Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मामलों की होगी त्वरित जांच, बनेगा विशेष मेडिकल बोर्ड

समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की संयुक्त बैठक में कई अहम फैसलों पर चर्चा

रायपुर, 19 अगस्त 2026। दिव्यांगजनों, उभयलिंगी समुदाय तथा अन्य अंतर्विभागीय विषयों से जुड़े कल्याणकारी कार्यक्रमों और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुगम बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को महानदी भवन, मंत्रालय, अटल नगर में समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की संयुक्त अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के मामलों की जांच, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने, विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने, उभयलिंगी समुदाय के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने तथा नशामुक्ति केंद्रों को मजबूत करने सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

186 शासकीय कर्मचारियों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों की होगी जांच

बैठक में दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत 186 व्यक्तियों से संबंधित प्रकरणों की जांच का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इन मामलों की जांच राज्य मेडिकल बोर्ड अथवा संभागीय मेडिकल बोर्ड के माध्यम से कराए जाने पर चर्चा हुई।

संबंधित व्यक्तियों को मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही निर्धारित समयान्तराल में दिव्यांगता की भौतिक जांच के लिए उपस्थित होने वाले व्यक्तियों के मामलों की भी समीक्षा की जाएगी।

See also  CG राज्य शासन का बड़ा फैसला : एंटी करप्शन ब्यूरो-ईओडब्लू में तीन अफसरों को डेपुटेशन पर भेजा गया

फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत पाए जाने वाले व्यक्तियों के मामलों में मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया को लेकर राज्य एवं संभागीय मेडिकल बोर्ड के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे। जांच प्रक्रिया को त्वरित बनाने के लिए विशेष मेडिकल बोर्ड गठित किए जाने पर भी जोर दिया गया, ताकि परीक्षण के बाद रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो सके।

Advertisment

ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जाएंगे विशेष मेडिकल बोर्ड और शिविर

बैठक में दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड प्राप्त करने में होने वाली परेशानियों को दूर करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को अधिक सरल और सुगम बनाने के साथ मेडिकल बोर्ड में विषय-विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के दिव्यांगजनों को जिला मुख्यालय तक आने में होने वाली परेशानी को देखते हुए विशेष मेडिकल बोर्ड एवं दिव्यांगता परीक्षण शिविर आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध तरीके से दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने निजी क्षेत्र की ली जाएगी मदद

भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप अस्थायी एवं स्थायी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। मेडिकल बोर्ड में आवश्यक विषय-विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी होने की स्थिति में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं लेने पर सहमति व्यक्त की गई, ताकि दिव्यांगता परीक्षण की प्रक्रिया प्रभावित न हो और पात्र हितग्राहियों को समय पर प्रमाण-पत्र मिल सके।

See also  ग्राम पंचायत किरारी की महिला सरपंच को मिली जान से मारने की धमकी, ग्राम के दो लोगों पर अवैध तरीके से 10 लाख रुपए मांगने का भी आरोप, कलेक्टर और एसपी को आवेदन सौंपकर सरपंच ने की कार्रवाई की मांग...

उभयलिंगी समुदाय के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर

बैठक में उभयलिंगी समुदाय के कल्याण से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उभयलिंगी व्यक्तियों के लिए राज्य की सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी (SRS) संबंधी सहायता तथा पात्र हितग्राहियों को निर्धारित समय-सीमा में इसका लाभ दिलाने पर विचार किया गया।

SRS के लिए उपलब्ध सहायता अनुदान संबंधी दिशा-निर्देशों में आवश्यक सर्जरी को शामिल करने तथा सहायता की निर्धारित दरों में वर्तमान बाजार दर के अनुरूप संशोधन की कार्यवाही पर भी चर्चा हुई।

इसके साथ ही राज्य के शासकीय अस्पतालों में उभयलिंगी व्यक्तियों को बेहतर एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पृथक ट्रांसजेंडर क्लीनिक अथवा वार्ड की व्यवस्था किए जाने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया।

नशामुक्ति केंद्रों के सुदृढ़ीकरण पर भी चर्चा

बैठक में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशामुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम, 2017 के प्रावधानों के अनुरूप राज्य में संचालित नशामुक्ति केंद्रों के पंजीयन तथा मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण से संबंधित प्रक्रिया पर चर्चा की गई।

See also  भारत ने यूक्रेन में शांति बहाली के प्रयासों का किया समर्थन

स्वास्थ्य विभाग द्वारा नशामुक्ति केंद्रों में उपचाररत व्यक्तियों को दी जा रही दवाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने तथा केंद्रों के विस्तार एवं बेहतर संचालन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

पुनर्वास संस्थाओं में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था

बैठक में दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, भिक्षुक, उभयलिंगी तथा नशा पीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास एवं संस्थागत संरक्षण के लिए संचालित शासकीय एवं अनुदान प्राप्त संस्थाओं की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई।

इन संस्थाओं में निवासरत हितग्राहियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच सुनिश्चित करने पर सहमति बनी, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त सह संचालक श्री संजीव झा, समाज कल्याण विभाग के संचालक श्री रणवीर शर्मा सहित स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में दिव्यांगजनों और अन्य जरूरतमंद वर्गों तक सरकारी योजनाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा जांच एवं प्रमाण-पत्र संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!