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शहरी बेघरों के लिए होंगे पर्याप्त आश्रयस्थल : मिश्र, राज्य स्तरीय आश्रय स्थल निगरानी समिति की बैठक में अध्यक्ष सुयोग्य मिश्र ने दिये निर्देश, सीएसआर, निराश्रित निधि तथा अन्य संस्थानों से भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में करें काम…

शहरी बेघरों के लिए होंगे पर्याप्त आश्रयस्थल : मिश्र

राज्य स्तरीय आश्रय स्थल निगरानी समिति की बैठक में अध्यक्ष सुयोग्य मिश्र ने दिये निर्देश

सीएसआर, निराश्रित निधि तथा अन्य संस्थानों से भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में करें काम

रायपुर। शहरी बेघरों के लिए आश्रयस्थलों में पर्याप्त व्यवस्था हो, इसके लिए नगर निगमों में शहरी बेघरों के अद्यतन आंकड़ों का सर्वे कर इसके मुताबिक आश्रयस्थल की क्षमता निर्धारित की जाएगी। इसके साथ ही आश्रयस्थलों के चिन्हांकन में लोकेशन का विशेष ध्यान रखा जाएगा। आश्रयस्थल ऐसे जगहों पर आरंभ किये जाएंगे जो स्टेशन, बस स्टैंड, श्रमिकों की आवाजाही वाली जगहों के निकट हों। यह निर्देश राज्य स्तरीय आश्रय स्थल निगरानी समिति की राजधानी स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में समिति के अध्यक्ष सुयोग्य कुमार मिश्र ने दिये। बैठक में मिश्र ने कहा कि आश्रयस्थल यहां आने वाले शहरी बेघरों के लिए उपयोगी हों, इसमें बुनियादी अधोसंरचनाएं और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों और समय-समय पर इसकी मानिटरिंग होती रहे।

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मिश्र ने कहा कि आश्रय स्थलों के लिए पर्याप्त फंडिंग भी बहुत जरूरी है ताकि यहां आने वाले बेघरों के लिए जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित कर सकें। इसके लिए सीएसआर से तथा निराश्रित निधि से सहायता ली जा सकती है। बहुत से धार्मिक संस्थान, व्यावसायिक संगठन तथा चेंबर आफ कामर्स आदि शहरी बेघरों की सहायता के लिए इच्छुक रहते हैं। इनसे संपर्क कर आश्रयस्थलों को दी जाने वाली सुविधाओं के लिए मदद ली जा सकती है। ऐसी फंडिंग से यहां उपयोगी गतिविधियां शुरू हो सकेंगी। आश्रयस्थलों में रचनात्मक गतिविधियां भी की जा सकती हैं ताकि यहां बेहतर वातावरण बनाने में मदद मिले।

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मिश्र ने कहा कि आश्रयस्थलों के निर्माण में लोकेशन का महत्व काफी है। जो लोकेशन भीड़भाड़ वाली जगहों के पास होती है वो ज्यादा उपयोगी होती हैं और इससे आश्रयस्थल का उद्देश्य भी पूरा होता है। इसके साथ ही आश्रयस्थल का व्यापक प्रचार-प्रसार भी हो ताकि लोगों को इसके बारे में जानकारी रहे।

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बैठक में राज्य शहरी विकास अभिकरण के सीईओ सौमिल रंजन चौबे ने कहा कि संयुक्त संचालक नियमित रूप से आश्रयस्थलों की मानिटरिंग करें। उन्होंने खैरागढ़ में आश्रय स्थल भवन निर्माण कार्य आगामी सितंबर माह के पहले सप्ताह तक पूर्ण होने की जानकारी दी और बताया कि बस स्टैण्ड, भाटापारा एवं नगर पालिका परिषद कार्यालय रतनपुर के समीप बनने वाले आश्रय स्थल भवन के निर्माण हेतु निविदा की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है।

राज्य स्तरीय आश्रय स्थल निगरानी समिति की बैठक में समिति द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के परिपालन में की गई कार्यवाही से अवगत कराया गया। गौरतलब है कि दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन अंतर्गत राज्य में 51 आश्रय स्थल स्वीकृत हैं, जिनमें से 47 आश्रय स्थल वर्तमान में संचालित है एवं 1 आश्रय स्थल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं।

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बैठक में नगर पालिक निगम, धमतरी एवं बीरगांव के आयुक्त तथा नगर पालिक निगम, रायपुर, भिलाई एवं बिलासपुर के प्रतिनिधि तथा अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी सूर्यकिरण तिवारी, उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेंद्र कुमार दोहरे, परियोजना अधिकारी जागृति साहू एवं नगर पालिका परिषद भाटापारा, रतनपुर एवं खैरागढ़ के अधिकारी उपस्थित रहे।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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