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भारत तक पहुंची जंग की चिंगारी! अब ईरान ने हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया बेस पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइल

न्यूज डेस्क : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के रणनीतिक सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन यह हमला असफल रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने दो इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जो अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं।

अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने संभाला मोर्चा
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, एक मिसाइल उड़ान के दौरान ही फेल हो गई, जबकि दूसरी को रोकने के लिए अमेरिकी युद्धपोत ने SM-3 इंटरसेप्टर मिसाइल दागी। हालांकि इंटरसेप्शन की पूरी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राहत की बात यह है कि सैन्य अड्डे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

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डिएगो गार्सिया का रणनीतिक महत्व
डिएगो गार्सिया हिंद महासागर में स्थित एक बेहद अहम सैन्य बेस है, जहां से अमेरिका और ब्रिटेन एशिया और पश्चिम एशिया में अपने ऑपरेशन संचालित करते हैं। यह भारत से करीब 1800 किलोमीटर दूर स्थित है और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

ब्रिटेन के फैसले के बाद बढ़ा तनाव
इस घटनाक्रम से पहले ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति दी थी। इसके तहत अमेरिका ईरान के मिसाइल ठिकानों पर कार्रवाई कर सकता था। इस फैसले के बाद ईरान ने कड़ी चेतावनी जारी की थी, जो अब इस हमले के प्रयास के रूप में सामने आई।

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ईरान की चेतावनी और वैश्विक असर
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पहले ही चेताया था कि अगर ब्रिटेन अमेरिका को अपने बेस इस्तेमाल करने देता है, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। यह घटना दिखाती है कि क्षेत्र में तनाव किस हद तक बढ़ चुका है और इसका असर वैश्विक सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।

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बढ़ती जंग से दुनिया में चिंता
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब वैश्विक स्तर पर असर डालने लगा है। ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार मार्ग और सैन्य संतुलन सभी प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले समय में हालात और संवेदनशील हो सकते हैं।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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