Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

जिला लाइवलीहुड कॉलेज में फर्जीवाड़े का खुलासा, शिकायतकर्ता ने सहायक परियोजना अधिकारी मयंक शुक्ला और लेखापाल ऋचा अग्रवाल पर कार्रवाई की मांग…

जांजगीर-चांपा। जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज जांजगीर-चांपा में संचालित मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना (सीएमकेवीवाई) एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। हाल ही में एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें छात्रों की अनुपस्थिति के बावजूद उनकी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज की जा रही है और वह भी फिंगरप्रिंट क्लोनिंग के जरिए।

यह घोटाला कथित रूप से सहायक परियोजना अधिकारी मयंक शुक्ला और लेखापाल ऋचा अग्रवाल की निगरानी में हो रहा है। शिकायतकर्ता प्रशांत राठौर द्वारा कलेक्टर को भेजे गए पत्र व वीडियो में बताया गया है कि कॉलेज परिसर में लगे 14 से 15 सीसीटीवी कैमरों के सामने खुलेआम यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। आरोप है कि इन अधिकारियों की मौन सहमति और ट्रेनिंग पार्टनरों की मिलीभगत से फिंगरप्रिंट्स के क्लोन तैयार किए गए हैं, जिनसे अनुपस्थित छात्रों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है।

See also  अंबिकापुर : फर्जी सिम, हवाला और क्रिप्टो से करोड़ों की सट्टेबाजी.10 गिरफ्तार...

इस गड़बड़ी का सीधा फायदा ट्रेनिंग पार्टनरों को मिल रहा है, जो छात्रों की फर्जी उपस्थिति के आधार पर सरकारी धन का लाभ ले रहे हैं। प्रशिक्षण न होने के बावजूद बैच डिलीट नहीं होते और उन्हें भुगतान मिलता रहता है। यह न केवल शासन को आर्थिक नुकसान पहुँचा रहा है, बल्कि उन जरूरतमंद युवाओं को भी नुकसान हो रहा है, जिन्हें वास्तव में इन योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।

फिंगरप्रिंट क्लोनिंग जैसी तकनीक का इस प्रकार का दुरुपयोग न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि यह गंभीर साइबर अपराध की श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह तकनीक और भी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल हो सकती है।

See also  बिग ब्रेकिंग: रायपुर दक्षिण विधायक माननीय श्री सुनील सोनी के नेतृत्व में रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं,जिससे क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है।

शिकायतकर्ता प्रशांत राठौर ने कलेक्टर से मांग की है कि दोषी अधिकारियों मयंक शुक्ला और ऋचा अग्रवाल को तत्काल बर्खास्त किया जाए और ट्रेनिंग पार्टनरों पर प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने अपने पत्र में यह भी आग्रह किया है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए ताकि अन्य स्थानों पर भी इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

Advertisment

यह मामला अब केवल एक संस्थान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे कौशल विकास ढांचे पर सवाल खड़ा कर रहा है। यदि इस पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे योजनाओं की साख को गहरा आघात पहुँच सकता है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर प्रकरण पर क्या कदम उठाता है।

See also  दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ एंटी करप्शन ब्रांच ने दर्ज की FIR…

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!