बिजली विभाग की मनमानी ने ग्रामीण इलाकों की बढ़ाई परेशानी, कटौती से त्रस्त हुए लोग…

बिजली विभाग की मनमानी ने ग्रामीण इलाकों की बढ़ाई परेशानी, कटौती से त्रस्त हुए लोग
सक्ति-जैजैपुर। गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत ना हो इसलिए सीएचई विभाग द्वारा पहले से व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाती है। नल, सोलर पैनल इत्यादि संसाधनों की मरम्मत कर ली जाती है, ताकि गर्मी में लोगों को पेयजल की समस्या ना हो. ऐसा ही कुछ बिजली विभाग करता है। बारिश के मौसम में अक्सर विद्युत खंभों पर पेड़ गिर जाते हैं, इसकी वजह से फॉल्ट होता है और विभाग के कर्मचारियों को फॉल्ट खोजने में ही कई दिन लग जाते है। ऐसे में बिजली उपभोक्ताओं को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए बिजली विभाग द्वारा भी बरसात से पूर्व व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाती है, लेकिन जैजैपुर में विद्युत विभाग की मनमानी सर चढ़कर बोल रही है। विभाग की लापरवाही का नतीजा यहां ग्रामीण क्षेत्र के लोग को भुगतना पड़ रहा है विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली आज के युग में आदि काल का याद दिलाने लगी है।
जैजैपुर बिजली विभाग कटौती सुर्खियों में
बिजली विभाग कटौती को लेकर हमेशा से ही समाचार पत्रों में अपना अलग ही रूवाब बनाई बैठी है पूरे जिले में जैजैपुर विधानसभा में बिजली विभाग का एक अलग ही सिक्का है जैजैपुर बिजली विभाग सामने किसी नेता मंत्री का नहीं चलता चाहे किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के हो या फिर कोई जनप्रतिनिधि सरकार में ही क्यों ना हो यहां का कानून कुछ अलग ही आनंद का है जिसके आगे बड़े- बड़े धुरंधर दिग्गजों का छक्के छुटने लगे है। जैजैपुर के विद्युत पावर हाउस सप्लाई होने वाले बिजली आए दिन ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहक के लिए इन दिनों जी का जंजाल बना हुआ कटौती को लेकर ग्रामीण की माने तो बिजली कटौती को लेकर बड़े-बड़े क्षेत्री नेता भी ग्रामीण इलाकों के कटौती में सुधार कराने में बिजली विभाग के आगे बेबस नजर आ रहे है, विधानसभा चुनावी माहौल गरम होने के कारण सभी ग्रामीणों के मूलभूत सुविधा को नजरंदाज कर अपने चुनावी टिकट को लेकर चिंतित है एवं जनसंपर्क कर प्रचार प्रसार में लगे हुए है परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले बिजली की कटौती जैसे समस्याओं को लेकर जो अपने आप को जनता के हितेसी बताते है और क्षेत्र में विकास कार्य की बात करते ताकते नही वें लोग ग्रामीण के परेशानियों को निराकरण करने के समय अदृश्य हो जाते है।
घंटों बिजली कटौती होने के बौजुद भी मीटर की रिडिंग में कोई बदलाव विभाग के द्वारा नहीं किया जाता है बिल का भुगतान जस का तस उपभोक्ताओं को विभाग द्वारा थमा दिया जाता है जिससे मजबूरन भुगतान उपभोक्ताओं को करना पड़ता है। दूसरी तरफ बेहराडीह, हरिनाचाकर, कुटराबोड़, ओडेकेरा,छोटे छिर्राडीह आदि इन गांव में मेंटेनेंस के नाम पर सुबह लाइट काट दी जाती है व सीधे शाम के समय दो फेसलाइट दी जाती है तो वही अक्सर शाम के समय 6 बजे से रात तक बीजली गुल की जा रही है। पिछले 15 दिन से इन गांव के लोग बिजली की आंख-मिचौली से परेशान हैं। बिजली की अघोषित कटौती से लोगों में आक्रोश है सरकारी कामों के साथ निजी व व्यावसायिक कार्य भी प्रभावित हो रहे है।



