जांजगीर-चांपा। केंद्र सरकार जब जब अपने कर्मचारियों तथा पेंशनरों का महंगाई भत्ता एवम महंगाई राहत बढ़ाती है,राज्य सरकारें भी उसी के अनुरूप अपने कर्मचारियों और पेंशनरों की महंगाई भत्ता,महंगाई राहत बढ़ाती रही है। विगत कुछ वर्षों से इसमें विसंगतियां आई है। राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों ,पेंशनरों को केंद्र सरकार के देय तिथि तथा देय दर से महंगाई भत्ता एवम महंगाई राहत प्रदान करने में आना कानी कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने राज्य के अधिकारियों कर्मचारियों को सितंबर 2025 से 2% महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी किया है।परंतु प्रदेश के सवा लाख से अधिक पेंशनर एवम परिवार पेंशनर को महंगाई राहत देने में चुप्पी साध रखी है। इससे प्रदेश भर के पेंशनरों एवम परिवार पेंशनरों में भारी नाराजगी है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है कि सेवारत कर्मचारियों और सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ता,महंगाई राहत देने हेतु अलग अलग आदेश प्रसारित किया जा रहा है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ सरकार से यह मांग करती है कि 30 सितंबर को आयोजित केबिनेट की बैठक में राज्य के पेंशनरों तथा पेंशनर परिवार को जनवरी 2025 से 2% महंगाई राहत देने का निर्णय ले। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ जिला शाखा जांजगीर चांपा के अध्यक्ष परमेश्वर स्वर्णकार ने कहा कि अभी नवरात्रि पर्व चल रहा है।आगामी अक्टूबर माह में दशहरा एवम दीपावली का त्यौहार है। सरकार पेंशनरों को महंगाई राहत देकर पेंशनरों की खुशियों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे।