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महादेव बेटिंग ऐप मामले में बढ़ीं शेफाली बग्गा की मुश्किलें, ED ने 30 लाख कैश, दुबई कनेक्शन और सोशल मीडिया प्रमोशन पर पूछे कई सवा

नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में स्पोर्ट्स प्रेजेंटर और बिग बॉस 13 की पूर्व प्रतियोगी शेफाली बग्गा से ईडी ने विस्तृत पूछताछ की है। जांच एजेंसी कथित तौर पर अवैध बेटिंग ऐप के प्रचार-प्रसार, सोशल मीडिया के जरिए किए गए प्रमोशन, घर से बरामद 30 लाख रुपये नकद, विदेश यात्राओं और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई अहम पहलुओं की जांच कर रही है।

ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड तथा संबंधित व्यक्तियों के बयानों के आधार पर मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अब तक किसी अदालत ने शेफाली बग्गा को इस मामले में दोषी नहीं ठहराया है।

सोशल मीडिया प्रमोशन बना जांच का अहम आधार

ईडी की जांच में सोशल मीडिया गतिविधियां भी प्रमुख जांच बिंदु बनी हुई हैं। एजेंसी के अनुसार, शेफाली बग्गा के इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म से कथित रूप से लोगों को एक टेलीग्राम चैनल की ओर भेजा जाता था। इस चैनल पर बड़ी संख्या में सदस्य जुड़े होने का दावा किया गया है।

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जांच एजेंसी के अनुसार, उस चैनल पर कथित तौर पर बेटिंग टिप्स, कैश-आउट, प्रॉफिट बुकिंग और ऐप से पैसे निकालने से संबंधित संदेश साझा किए जाते थे। साथ ही ऐसे प्रचार संदेश भी प्रसारित किए जाने की बात सामने आई है, जिनमें यह दावा किया जाता था कि बेटिंग से हुई कमाई पर सरकारी एजेंसियां या आयकर विभाग कार्रवाई नहीं कर पाएगा। ईडी इन दावों की सत्यता और उनकी भूमिका की जांच कर रही है।

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30 लाख रुपये नकद मिलने के बाद बढ़ी जांच

जानकारी के अनुसार, 30 मई को ईडी ने दिल्ली स्थित शेफाली बग्गा के आवास पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान एजेंसी ने 30 लाख रुपये नकद बरामद किए थे।ईडी का संदेह है कि यह राशि कथित रूप से अवैध बेटिंग ऐप के प्रचार से प्राप्त आय का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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दुबई और लंदन यात्राओं की भी हो रही पड़ताल

पूछताछ के दौरान शेफाली बग्गा ने कथित तौर पर बताया कि एंडोर्समेंट डील, कैश भुगतान और कुछ वित्तीय मामलों का प्रबंधन उनके पिता विपिन बग्गा देखते थे।ईडी ने उनके पिता और भाई शिवांश बग्गा को भी समन जारी किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों अभी तक जांच एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुए हैं।इसके अलावा एजेंसी शेफाली बग्गा की दुबई और लंदन यात्राओं की भी जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन विदेश यात्राओं का कथित महादेव सिंडिकेट या किसी हवाला नेटवर्क से कोई संबंध था या नहीं।

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वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की हो रही जांच

जांच एजेंसी सोशल मीडिया प्रमोशन से जुड़े अनुबंध, बैंकिंग रिकॉर्ड, कैश ट्रांजैक्शन, डिजिटल डाटा और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। ईडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित प्रचार गतिविधियों के बदले भुगतान किस माध्यम से किया गया और धन का प्रवाह किन-किन खातों के जरिए हुआ।

महादेव बेटिंग ऐप मामला क्या है?

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामला देश के चर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में शामिल है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन किया गया और बड़ी मात्रा में अवैध धन का लेनदेन हुआ। इस मामले में अब तक कई कारोबारी, प्रमोटर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और अन्य लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।ईडी का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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