छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
हाईकोर्ट के निर्देश पर सीमांकन करने पहुंची टीम को शंकर सिंघानिया ने फिर नहीं दिखाए जमीन के दस्तावेज, जिला मुख्यालय जांजगीर के नेताजी चौक स्थित करोड़ों रुपये कीमती जमीन का मामला…

जांजगीर-चांपा। जिले की महिला प्रेम पांडेय विगत 27 वर्षों से जांजगीर के नेताजी चौक के पास अपने हिस्से की 5 डिसमिल जमीन को पाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। बताया जा रहा है कि पहले तो शंकर सिंघानिया के पक्ष में कोर्ट ने फैसला किया, जिसके बाद प्रेम पांडेय ने हाईकोर्ट में अपील की, तब जाकर हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश किया कि राजस्व की टीम गठित कर जमीन का सीमांकन कर पूर्णतः निर्णय देकर सूचित की जाए।
उक्त निर्देश मिलते ही राजस्व की टीम गठित कर जांजगीर के नेताजी चौक के पास की 3807/23 खसरा नंबर, 3807/8 और 3807 खसरा नंबर की जमीन का सीमांकन किया गया, जिसमें सभी जमीन मालिकों ने अपना दस्तावेज मौके पर दिखाया, मगर शंकर सिंघानिया ने अपने जमीन का दस्तावेज नहीं दिखाया। प्रेम पांडेय के पति ने शंकर सिंघानिया पर आरोप लगाया है कि पूर्व में हाईकोर्ट ने निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए स्टे दिया था। आवेदक द्वारा हाईकोर्ट के स्टे को जब जांजगीर एसडीएम एवं तहसीलदार को दिखाया गया, तब आवेदक को उस समय प्रशासन व राजस्व के अधिकारियों द्वारा कोई सहयोग नहीं दिया गया था। इस मौके का फायदा उठाते हुए शंकर सिंघानिया द्वारा जमीन पर कब्जा कर पूर्णतः मकान बनाकर दुकान का संचालन किया जा रहा है, जिसके बाद हाल ही में फिर हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि एक टीम गठित कर आवेदक की जमीन और आसपास की जमीनों का सीमांकन कर पूर्णतः निर्णय देकर हमें सूचित किया जाए, यह सीमांकन अब छठवीं बार हुआ है। आसपास के सभी जमीन मालिकों को नोटिस देकर मौके पर रहने कहा गया था। सभी जमीन मालिक दस्तावेज लेकर मौके पर मौजूद रहे, मगर हमेशा की तरह शंकर सिंघानिया ने अपनी जमीन का दस्तावेज नहीं दिखाया। बहरहाल, अब देखना होगा कि राजस्व की टीम निष्पक्ष जांच कर सही रिपोर्ट सौपती हैं या नहीं, यह तो जांच अधिकारियों के ऊपर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।



