छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
चरित्र शंका पर टंगिया से वार कर हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा…

जांजगीर-चांपा। चरित्र शंका पर टंगिया से वारकर हत्या करने वाले आरोपी को माननीय न्यायालय द्वरा भादवि की धारा 302 के अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा एवं 5.000/- के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है।
राजेश पाण्डेय लोक अभियोजक जांजगीर के बताये अनुसार 06 जनवरी 2023 को समय 03. 30 बजे सूचनाकर्ता चितरेखा सारथी ने थाना शिवरीनारायण में सूचना दी 06 जनवरी 2023 को समय 03 बजे उसकी बहन सुलेखा सारथी को उसका पति अभियुक्त सम्पत सारथी चरित्र शंका को लेकर धारदार हथियार टंगिया एवं लकडी डंडा (बैठ)से मारपीट कर हत्या कर दिया है उसके सिर एवं गर्दन में चोंट लगने से मृत्यु हो गयी है, उक्त सूचनापर सहायक उपनिरीक्षक के.के.कोसले ने मर्ग इंटीमेशन कमांक 4/23 दर्ज किया गया। उक्त सूचना के आधार पर इसी दिनांक को अभियुक्त सम्पत सारथी के विरूद्ध प्रथम सूचना कमाक14/23 अंतर्गत धारा 302 भादंस पंजीबद्ध किया गया।
अभियोजन की ओर से विचार व्यक्त किया गया कि जिस प्रकार से आरोपीद्वारा अपनी पत्नी पर चरित्र शंका कर टंगिया से वारकर उसकी हत्या की गयी है वह अत्यंत ही गंभीर प्रकृति का अपराध है। अतः उसे कठोर से कठोर दण्ड दिया जावे।
इस प्रकार अभियुक्त अपनी पत्नी सुरेखा सारथी के चरित्र पर शंका करता था तथा दारु पीकर उसके साथ मारपीट करता था। घटना दिनांक 06 जनवरी 2023 को छेरछेरा त्यौहार के दिन 3.00 बजे के लगभग आरोपी और मृतिका सुरेखा के मध्य चरित्र शंका की बात पर से घर के पीछे बाडी पर विवाद हुआ तथा विवाद बढ़ जाने पर अभियुक्त ने पास पर पड़े लकडी के बेठ से कई बार मारा जिससे वह गिर गई और गिर जाने के उपरांत पास में पड़े टंगिया से उसके गले में मारा तथा घर में ताला लगाकर लड़के को चाबी देने चला गया। जिस समय आरोपी अपने लड़के को चाबी देते समय उसकी सांस तेज गति से चल रही थीं वह रो रहा था और यह कह रहा था कि कुछ भी हो जाय मेरा ही नाम आए। जिसे प्रमाणित मानकर साक्षी के कथनों पर विश्वास कर अभियोजन ने अभियूक्त के विरूद्ध प्रकरण को युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित कराया है। अतः प्रकरण की परिस्थित्ति, अपराध की गंभीरता एवं सामाजिक प्रभाव को देखते हुए आरोपी सम्पत सारथी उर्फ सनपत सार्थी पिता स्व. मंगल सारथी उम्र 44 वर्ष, निवासी बालपुर थाना सरसिंवा जिला सारगंगढ बिलाईगढ (छ.ग.) को दोष सिद्ध अपराध धारा 302 भादसं के लिए आजीवन कारावास एवं 5,000/- के अर्थदण्ड से दडित किया गया है। अभियुक्त द्वारा अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं करने पर 6 माह का सश्रम कारावास पृथक से भुगताये जाने का आदेश माननीय न्यायालय द्वारा दिया गया है।
उक्त प्रकरण में अभियोजन की ओर से राजेश पाण्डेय्य लोक अभियोजक जांजगीर ने पैरवी की।



