Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

कोलकाता ED Action: IPL और T-20 के मैचों पर चल रहा बड़ा खेल, ED ने किया बड़ा खुलासा, 766 बैंक अकाउंट्स फ्रीज

ED Action In Kolkata: ED की कोलकाता जोनल टीम ने एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का पर्दाफाश किया है. ED ने इस रैकेट से जुड़ी कई जगहों जैसे पश्चिम बंगाल, दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश और असम में छापेमारी की.

इस दौरान बड़ी मात्रा में दस्तावेज़, डिजिटल डिवाइसेज़, और अन्य सबूत जब्त किए गए है.

ED ने कार्रवाई करते हुए 766 फर्जी बैंक अकाउंट्स और 17 डेबिट/क्रेडिट कार्ड को फ्रीज कर दिया है. जो इस गैरकानूनी धंधे से जुड़ी कमाई से इस्तेमाल हो रहे थे. इसके अलावा दो लोगों विशाल भारद्वाज उर्फ़ बादल भारद्वाज और सोनू कुमार ठाकुर को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है.गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को कोलकाता की विशेष कोर्ट में पेश किया गया. जहां से उन्हें 10 दिन की ED कस्टडी में भेज दिया गया है.

See also  ग्रोक पर X ने मानी अपनी गलती! किए 600 से ज्यादा अकाउंट डिलीट, भारत के कानून के हिसाब से उठाएगा कदम

सिलीगुड़ी पुलिस ने दर्ज किया केस
ये केस सिलीगुड़ी पुलिस की ओर से दर्ज एक FIR से जुड़ा है. जिसमें आरोपियों के खिलाफ गैंबलिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था. पुलिस चार्जशीट में दोनों आरोपी फरार घोषित किए गए थे. लेकिन ED ने छापेमारी के दौरान इन्हें गिरफ्तार कर लिया.ED के अधिकारियों के मुताबिक इस रैकेट का पूरा सिस्टम बेहद शातिराना था. आरोपी लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर फर्जी बैंक अकाउंट्स खुलवाते थे. इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी से कमाई गई ब्लैक मनी को इधर-उधर घुमाने में किया जाता था.

सट्टेबाजी का गोरख धंधा
सट्टेबाजी की ये वेबसाइट्स और टेलीग्राम चैनल्स पर प्रचार किया जाता था और लोगों को WhatsApp नंबरों के जरिए जोड़ने के लिए कहा जाता था. IPL, ISL, T-20 वर्ल्ड कप, ऑनलाइन रम्मी, ऑनलाइन कैसीनो जैसे खेलों में सट्टा लगाने के लिए लोगों को फंसाया जाता था.जिन लोगों के नाम से अकाउंट खुलवाए जाते थे, उन्हें उसके बदले एक बार या हर महीने कुछ पैसा दिया जाता था. लेकिन उन खातों पर उनका कोई कंट्रोल नहीं होता था. ED का कहना है कि इस रैकेट से जुड़े और भी लोग और बैंक अकाउंट्स की पहचान की जा रही है. इस पूरे नेटवर्क में कई राज्यों के लोग शामिल है और ये करोड़ों रुपये का घोटाला हो सकता है. ED के अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच अभी जारी है.

Advertisment

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!