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Janjgir Champa News: काले कागज को असली नोट बनाने का झांसा, ₹50 हजार की ठगी से पहले 3 आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा। काले कागज पर विशेष केमिकल डालकर उसे असली भारतीय मुद्रा में बदलने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये ऐंठने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को जांजगीर-चांपा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने नवागढ़ क्षेत्र के एक व्यक्ति को भी अपने जाल में फंसाकर ₹50 हजार के बदले ₹2.50 लाख मूल्य के काले कागज और केमिकल देने का लालच दिया था। हालांकि, प्रार्थी को संदेह होने पर उसने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी, जिसके बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। शिकायत मिलते ही पुलिस और सायबर टीम सक्रिय हुई और तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय IPS के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क के मार्गदर्शन में थाना नवागढ़ पुलिस एवं सायबर थाना जांजगीर की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
केमिकल एक्सपर्ट बनकर रची ठगी की साजिश
पुलिस के अनुसार थाना नवागढ़ क्षेत्र निवासी साहिल कुमार ने शिकायत दर्ज कराई कि करीब 10 दिन पूर्व उसके पिता के मोबाइल पर तेरस राम महिपाल नामक व्यक्ति का फोन आया था। आरोपी ने स्वयं को केमिकल एक्सपर्ट बताते हुए दावा किया कि उसके पास ऐसा विशेष काला कागज है, जिसे केमिकल की मदद से असली भारतीय नोट में बदला जा सकता है।
आरोपी ने ₹50 हजार लेकर ₹2.50 लाख मूल्य के काले कागज और केमिकल देने का लालच दिया। इस झांसे में आकर प्रार्थी 6 अगस्त 2026 को गोविंदा पुल के पास पहुंचा। वहां तेरस राम महिपाल के साथ शिव प्रसाद मनहर और रामरतन साहू भी मौजूद थे। तीनों ने प्रार्थी से काले कागज के बदले ₹50 हजार नगद देने की मांग की।
हालांकि, प्रार्थी को पूरे मामले में ठगी की आशंका हुई। उसने आरोपियों से काले कागज और केमिकल को लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ होते ही तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
मामले की सूचना मिलते ही थाना नवागढ़ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना नवागढ़ में अपराध क्रमांक 246/2026 दर्ज कर धारा 318(2) एवं 61(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
पुलिस ने आरोपियों की पतासाजी के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। सायबर टीम ने मोबाइल एवं अन्य तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मास्टरमाइंड का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शिव प्रसाद मनहर इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसके विरुद्ध पूर्व में भी नकली नोट से जुड़े गंभीर मामले दर्ज हो चुके हैं। वह थाना जैजैपुर में ₹24 लाख के नकली नोट तथा रायपुर के गंज थाना क्षेत्र में ₹85 लाख के नकली नोट से संबंधित मामलों में पूर्व में चालान हो चुका है।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को इसी तरह ठगी का शिकार बनाया है और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
आरोपियों के कब्जे से ये सामान बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री बरामद की है। इनमें—
सफेद प्लास्टिक डिब्बे में भरा सफेद केमिकल पाउडर
06 नग काले रंग का केमिकल लगा हुआ नोट जैसा दिखने वाला कागज
OPPO कंपनी का गुलाबी रंग का मोबाइल,
REDMI कंपनी का मोबाइल,
REALME कंपनी का मोबाइल
शामिल हैं।
सोशल मीडिया और कॉल के जरिए बनाते थे शिकार
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मोबाइल कॉल के माध्यम से लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद खुद को केमिकल एक्सपर्ट बताकर काले कागज को विशेष रसायन की मदद से असली नोट में बदलने का झांसा दिया जाता था। कम राशि के बदले कई गुना अधिक रकम के नोट बनाने का लालच देकर लोगों से पैसे ऐंठने की योजना बनाई जाती थी।
पुलिस इस गिरोह के नेटवर्क और पूर्व में की गई वारदातों के संबंध में भी जांच कर रही है।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
1. तेरस राम महिपाल, उम्र 34 वर्ष, निवासी तालदेवरी, थाना बिर्रा।
2. रामरतन साहू, उम्र 35 वर्ष, निवासी करौबाडीह, थाना जैजैपुर।
3. शिव प्रसाद मनहर, उम्र 36 वर्ष, निवासी करौबाडीह, थाना जैजैपुर।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में निरीक्षक मणिकांत पाण्डेय, थाना प्रभारी नवागढ़, सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, सहायक उप निरीक्षक विवेक सिंह, प्रधान आरक्षक राजकुमार चंद्रा, आरक्षक गिरीश कश्यप एवं प्रदीप दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जहां पीड़ित व्यक्ति ₹50 हजार की ठगी का शिकार होने से बच गया, वहीं इस तरह के फर्जी केमिकल और नकली नोट के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है।



