जांजगीर-चांपा। धान उपार्जन केंद्र सारागांव में अव्यवस्था और मनमानी चरम पर है। यहां किसानों से निर्धारित मात्रा से एक-दो किलो अधिक धान तौलने और रख-रखाव में लापरवाही का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि केंद्र को बिचौलियों के भरोसे छोड़ कर खरीदी प्रभारी एवं कम्प्यूटर आपरेटर अक्सर नदारद रहते हैं। वहीं धान के धूप और बारिश से बचाव को लेकर कोई इंतज़ाम भी नहीं है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत के गृह नगर सारागांव में स्थित धान उपार्जन केंद्र में अव्यवस्था चरम पर है। यहाँ खरीदी प्रभारी रामविलास राठौर और कम्प्यूटर आपरेटर की मनमानी से शासन के आदेश-निर्देश की जमकर धज्जियाँ उड़ रही है। बुधवार को सारागांव के कुछ किसानों ने चर्चा के दौरान बताया कि धान उपार्जन केंद्र सारागांव में उनसे निर्धारित मात्रा से अधिक धान लिया जा रहा है, जिसका विरोध करने पर उनसे दुर्व्यवहार किया जाता है। हालांकि, किसानों ने इसके पीछे केंद्र प्रभारी का नाम स्पष्ट नहीं किया, लेकिन उनके बात से यह स्पष्ट हो गया कि यहां किसानों से एक-दो किलो ज्यादा धान मंगाया जा रहा है और इलेक्ट्रॉनिक कांटा में माइनस कर धान की अतिरिक्त तौल की जा रही है। जबकि, कलेक्टर का स्पष्ट निर्देश है कि किसानों से निर्धारित मात्रा में ही धान लिया जाए। इसके लिए सबंधित अधिकारियों को निर्देशित भी किया गया है। इसके बावजूद, सारागांव में उपार्जन केंद्र प्रभारी रामविलास राठौर और कम्प्यूटर आपरेटर द्वारा धान तौल में जमकर गड़बड़ी की जा रही है और अतिरिक्त धान लेकर किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
केंद्र से अक्सर नदारद रहते हैं प्रभारी
धान उपार्जन केंद्र सारागांव के प्रभारी रामविलास राठौर, उपार्जन केंद्र से अक्सर नदारद रहते हैं। वही कम्प्यूटर ऑपरेटर भी केंद्र से अक्सर गायब रहते हैं। कुल मिलाकर कहा जाए तो धान उपार्जन केंद्र सारागांव को बिचौलियों के भरोसे छोड़ दिया गया है, जिसके कारण यहां जमकर अवस्था देखने को मिल रही है।
धान की सुरक्षा पर लापरवाही पड़ रही भारी
धान उपार्जन केंद्रों को रख-रखाव के लिए ढाई से तीन लाख रुपए की राशि उपलब्ध कराई गईं है, जिससे धान की सुरक्षा और किसानों की मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। लेकिन, सारागांव केंद्र में धान को जमीन पर स्टॉक लगाकर रखा गया है, जिससे बेमौसम बारिश होने पर धान खराब होने का खतरा बढ़ गया है। जबकि, पिछले दिनों हुई बारिश में कई खरीदी केंद्रों में धान की बोरियां बारिश से भीग गईं थी। इसके बाद भी सारागांव केंद्र प्रभारी द्वारा लापरवाही की जा रही है।
नोडल अधिकारी ने दी कार्रवाई की चेतावनी
नोडल अधिकारी अमित साहू ने कहा कि जिले के सभी केंद्र प्रभारियों को तय मानक के अनुसार ही धान लेने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सारागांव केंद्र में लापरवाही या मनमानी पाई गई तो जांच करा कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।