Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

एयर इंडिया की फ्लाइट में हाइजैक का अलार्म बजने से खलबली, सुरक्षा एजेंसियों की सांसें फूल गईं…

मुंबई। दिल्ली से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2957 में हाइजैक का अलार्म बजने से हड़कंप मच गया। हालांकि, पायलट ने तुरंत दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचित किया कि यह एक झूठा अलार्म था, लेकिन एटीसी ने प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षा एजेंसियों और भारतीय वायुसेना को सतर्क कर दिया। एयर इंडिया की इस फ्लाइट में 126 यात्री सवार थे। उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान के ट्रांसपोंडर ने ‘स्क्वॉक 7500’ कोड ट्रांसमिट किया, जो आमतौर पर हाइजैकिंग के संकेत के रूप में पहचाना जाता है। एक दिल्ली एयरपोर्ट अधिकारी ने बताया कि यह अलार्म फ्लाइट के टेक-ऑफ के तुरंत बाद सक्रिय हो गया।

स्क्वॉक कोड चार अंकों की एक संख्या होती है, जिसका इस्तेमाल एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) फ्लाइट की पहचान के लिए करता है। यह कोड 0000 से 7777 तक होता है। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटरडार के अनुसार, स्क्वॉक कोड 7500 का अर्थ ‘अवैध हस्तक्षेप’ होता है, जिसे आमतौर पर हाइजैकिंग का संकेत माना जाता है। हालांकि, पायलट ने तुरंत स्पष्ट किया कि यह एक फेक अलार्म था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बरतते हुए सभी प्रोटोकॉल का पालन किया। एक पूर्व ATC अधिकारी ने कहा, “हम यह नहीं मान सकते कि पायलट पर कोई दबाव नहीं है। अगर वह बंदूक की नोक पर हुआ और उसे झूठ बोलने को कहा गया हो तो?”

See also  CG NEWS : रेत तस्करी ने तोड़ा विकास का पुल! कांकेर के हाराडुला में महानदी पर बना पूल बीच से धंसा, आवाजाही बंद…

रात 9:47 बजे जब फ्लाइट मुंबई पहुंची, तो इसे अलग-थलग खड़े किए जाने वाले ‘आइसोलेशन बे’ में ले जाया गया। यात्रियों को एक घंटे बाद विमान से उतरने की अनुमति दी गई, जब यह पुष्टि हो गई कि कोई खतरा नहीं है। मुंबई एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि प्रोटोकॉल के अनुसार, मुंबई एयरपोर्ट पर ‘एरोड्रोम कमेटी’ का गठन किया गया और पूरी आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी गई। इस दौरान स्थानीय पुलिस, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर रहीं।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, एयरलाइन ने इस घटना की रिपोर्ट दी और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA), नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने इस मामले की जांच शुरू कर दी। मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस फेक अलार्म की वजह क्या थी। यह पायलट की गलती थी या ATC ने संकेत को गलत पढ़ा, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।”

See also  नेशनल डिफेंस कॉलेज से आए मेहमानों को भाया छत्तीसगढ़, देखा सांस्कृतिक और पुरा वैभव, लिया व्यंजनों का आनंद...

एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक की जांच में पायलट या क्रू की कोई गलती सामने नहीं आई है। उन्होंने संभावना जताई कि यह किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुआ हो सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा, “इसकी सटीक वजह का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा।” इस घटना ने हवाई सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता खड़ी कर दी है। हालांकि यह एक झूठा अलार्म साबित हुआ, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रोटोकॉल का पालन किया।

Advertisment

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!