भारत में एक आम आदत है कि लोग छोटी-मोटी बीमारी होने पर डॉक्टर के पास जाने के बजाय खुद ही इलाज करने लगते हैं। कुछ लोग घरेलू नुस्खे आजमाते हैं, तो कुछ सीधे मेडिकल स्टोर से अपनी पसंद की दवा ले आते हैं। कई बार दोस्त, पड़ोसी या रिश्तेदार भी बिना जानकारी के डॉक्टर बनने की कोशिश करते हैं और अपनी आजमाई हुई दवाएं लेने की सलाह देते हैं, यह सोचकर कि इससे तुरंत आराम मिल जाएगा।
क्या बिना डॉक्टरी सलाह के दवा लेना सुरक्षित है?
यह समझना बेहद ज़रूरी है कि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है और हर गोली का असर भी अलग-अलग हो सकता है। कौन सी गोली किस व्यक्ति पर कैसा रिएक्ट करेगी, यह कई बातों पर निर्भर करता है। इसलिए, हर गोली को बिना डॉक्टरी सलाह के खाना सुरक्षित नहीं है। लेकिन सवाल यह है कि आपको कैसे पता चलेगा कि कौन सी दवा बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेनी चाहिए?
See also अकलतरा में युवती से छेड़छाड़, मारपीट और लूट का चंद घंटों में खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार लूटी गई बाइक, मोबाइल और वीडियो बनाने में इस्तेमाल तीन मोबाइल जब्त, दोनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजे गए जांजगीर-चांपा, 22 जुलाई 2026। अकलतरा थाना क्षेत्र में युवती के साथ छेड़छाड़, मारपीट और मोबाइल लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने चंद घंटों के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त होंडा साइन मोटरसाइकिल तथा वीडियो बनाने में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने थाना अकलतरा में शिकायत दर्ज कराई कि वह अपने एक दोस्त के साथ अकलतरा क्षेत्र स्थित नहर के पास बैठकर बातचीत कर रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक वहां पहुंचे और दोनों का मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगे। जब पीड़िता और उसके साथी ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने अश्लील गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि युवती के साथ बेइज्जती करने की नीयत से छेड़छाड़ की गई और उसका मोबाइल फोन लूटकर दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए अकलतरा थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 417/2026 दर्ज किया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74, 296, 115(2), 309(1) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान बीरू धीवर और ओमकिशन उर्फ ओमी धीवर, दोनों निवासी ग्राम खटोला, थाना अकलतरा के रूप में की। पुलिस टीम ने त्वरित दबिश देकर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त होंडा साइन मोटरसाइकिल, पीड़िता से लूटा गया मोबाइल फोन तथा घटना का वीडियो बनाने में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद कर विधिवत जब्त किए। गिरफ्तार आरोपियों में बीरू धीवर (30 वर्ष) एवं ओमकिशन उर्फ ओमी धीवर (20 वर्ष) शामिल हैं। दोनों ग्राम खटोला, थाना अकलतरा, जिला जांजगीर-चांपा के निवासी हैं। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक भास्कर शर्मा एवं थाना अकलतरा पुलिस स्टाफ की त्वरित और प्रभावी भूमिका रही, जिसकी वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की। पुलिस ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी
लाल धारी का मतलब: ‘डॉक्टर की सलाह के बिना न लें’
अगर आपने कभी दवाइयों के पैकेट पर ध्यान दिया हो, तो उस पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और कीमत जैसी सामान्य जानकारी के अलावा कुछ खास निशान भी होते हैं। कुछ दवाइयों के पैकेट पर लाल रंग की धारी बनी होती है। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? यह कोई डिज़ाइन नहीं है, बल्कि इसका एक खास और महत्वपूर्ण मतलब है। असल में, दवा के पैकेट पर बनी इन लाल धारियों का मतलब है: ‘सावधान! यह गोली बिना डॉक्टर की सलाह के न खाएं। वरना यह आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है।’
अपनी सुरक्षा के लिए रहें जागरूक
तो अगली बार जब आप मेडिकल स्टोर से दवा लेने जाएं, तो पैकेट पर लाल पट्टी ज़रूर देखें। इस तरह की दवा को बिना डॉक्टर की सलाह के लेने की गलती बिल्कुल न करें। हमारी सलाह तो यही है कि कोई भी गोली खुद से लेने के बजाय एक बार डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें।
यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है और इसे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ शेयर करें, ताकि वे भी लाल पट्टी वाले पैकेट की दवा बिना सोचे-समझे न खाएं और सुरक्षित रहें।
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