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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशरायपुर

राज्यपाल रमेन डेका ने ली जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक…

अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जिले के कोसा शिल्प में है अपार संभावनाएं – राज्यपाल रमेन डेका
 
ड्रापआउट युवाओं को कौशल विकास की ओर उन्नमुख करने पर दिया जोर
 
विभागीय योजनाओं की विस्तार से की समीक्षा
 
पर्यावरण एवं जल संरक्षण की दिशा में उठाएं प्रभावी कदम – राज्यपाल डेका
 
     जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने अपने दो दिवसीय जांजगीर-चांपा प्रवास के दौरान कलेक्टोरेट सभाकक्ष में प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सी आर प्रसन्ना, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, एडीसी स्क्वा. लीडर निशांत कुमार, वनमंडलाधिकारी प्रियंका पांडेय, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर उज्जवल पोरवाल सहित सभी विभाग प्रमुख उपस्थित रहे।
     प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा राज्यपाल रमेन डेका के स्वागत के उपरांत कलेक्टर आकाश छिकारा ने जिले में चलाये जा रही विभिन्नयोजनाओं एवं उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। राज्यपाल ने जिले में चलाये जा रहे नवाचारों की सराहना की। राज्यपाल रमेन डेका ने जिले में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन, जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यों एवं अभियान के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जिले में पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से प्रकृति का संतुलन बनाए रखने, जल संचयन को बढ़ाने, पर्यटन को बढ़ावा देने, टीबी उन्मूलन, जैविक खेती, रेडक्रास, स्वच्छ भारत मिशन, असहाय, परित्यक्ता एवं वृद्धजनो की सहायता करने, सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु प्रभावी कदम उठाने, मादक पदार्थों के परिवहन, विक्रय, भंडारण को प्रतिबंधित करने जैसे अन्य विषयों का धरातल पर उचित क्रियान्वयन करने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। जिससे योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
     राज्यपाल डेका ने कहा कि जिले का कोसा शिल्प प्रसिद्ध है इसे और अधिक पहचान देने के लिए कोसा वस्त्रों में नई तकनीक व डिजाइन को बढ़ावा दिया जाए जिससे देश-विदेश के लोग खासकर युवा वर्ग कोसा वस्त्रों के प्रति आकर्षित हो और इसके व्यापार को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि स्कूल, कालेज ड्रापआउट युवाओं को कौशल विकास से जोड़कर शिक्षा प्रदान की जाए तो ऐसे युवा रोजगार की ओर आगे बढ़ेगे और समाज के प्रति उनकी दिशा सकारात्मक होगी। युवाओं को उनके कौशलों के विकास के लिए छोटे-छोटे कार्याें के प्रति प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में पुरातत्व महत्व के अनेक सांस्कृतिक धरोहर स्थित हैं इसकी जानकारी सभी लोगो तक पहुंचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है इससे इन स्थलों के बारे में अधिक से अधिक पर्यटक जान पाएंगे।
      राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन व भू-जल स्तर में वृद्धि हेतु अधिक से अधिक पौधरोपण करने व उनका उचित देखभाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में पेड़ों का अत्याधिक महत्व है एवं प्रकृति का संतुलन बनाए रखने हेतु पौधरोपण आवश्यक है। उन्होंने जिले मे एक पेड़ मां के नाम, कैम्पा के तहत किये गये वृक्षारोपण की जानकारी ली तथा सभी अधिकारी-कर्मचारियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने एवं उसे संरक्षित करने कहा। उन्होंने गिरते भू जल स्तर में वृद्धि हेतु रेन वाटर हार्वेस्टिंग की उपयोगिता पर बल देते हुए शासकीय एवं निजी भवन में निश्चित रूप से बनाने के निर्देश दिए। साथ ही अमृत सरोवर, जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्यों के माध्यम से पेयजलापूर्ति और जल स्तर ऊपर उठाने की दिशा में कार्य करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जिले में जल जीवन मिशन, वाटर शेड, महात्मा गांधी नरेगा, अमृत सरोवरो के माध्यम से जल संरक्षण एवं जल संवर्धन की दिशा में कार्य करने के से भू-जल स्तर बढेगा।
      राज्यपाल ने कहा कि किसानों को जैविक खेती से बहुत फायदा मिलेगा। इसके लिए विशेष तौर पर कार्य करने की जरूरत है। जैविक कृषि में किसानों के विकास की असीम संभावनाएं है। हमें इस दिशा में कार्य करते हुए किसानों को समृद्ध बनाने के लिए कार्य करना है और उनकी मदद करनी है। कृषि तथा वन दो ऐसे क्षेत्र है, जिनमें ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारी से कहा कि किसानों से लगातार मिलते रहे और उन्हें जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करें। उन्हें नवीनतम तकनीक तथा नवाचार के संबंध में जानकारी देते रहे और उनकी मदद करें। उन्होंने असम के ऐसे किसानों के बारे में जानकारी साझा की। जिन्होंने खेती-किसानी के माध्यम से बहुत तरक्की की है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य करें। उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से जिले के किसानों को विभिन्न तकनीकी जानकारी, प्रशिक्षण व गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने कहा।
राज्यपाल रमेन डेका ने जिले में टीबी के संबंध में चल रहे अभियान निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ 100 दिवसीय पहचान एवं उपचार के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने राजभवन की ओर से गरीब एवं जरूरतमंदों टीबी मरीजो को सहयोग देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से टीबी मुक्त जिले की दिशा में आगे बढऩा है और सभी से सहयोग लेना है। उन्होंने जिले में निःक्षय निरामय अभियान के अंतर्गत किये गये कार्याें की प्रशंसा की। उन्होंने जिले में सड़क दुर्घटना से होने वाली जनहानि के रोकथाम हेतु जिला प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क दुर्घटना की रोकथाम के लिए वाहनो के मालिकों की बैठक लेकर उनके वाहन चालकों की समय-समय पर कॉउंसलिंग करने एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने व मादक पदार्थाे का सेवन कर वाहन चलाने वाले चालकों पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थ बच्चों एवं युवाओं के लिए बहुत घातक है। बच्चों एवं युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रखने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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