Google AI Investment India : Google का सबसे बड़ा दांव, भारत में 1.25 लाख करोड़ के AI निवेश का ऐलान, भारत बनेगा AI Hub

नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान सुंदर पिचाई और डेमिस हासाबिस ने भारत में बड़े निवेश की घोषणा की। गूगल अगले पांच वर्षों में भारत में लगभग 15 अरब डॉलर (करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगा। कंपनी ने इस निवेश की रूपरेखा पहले ही घोषित की थी, लेकिन अब इसे तेज़ी से लागू करने की तैयारी है।
यह निवेश देश के पहले बड़े एआई हब के निर्माण पर केंद्रित होगा। इसका प्रमुख हिस्सा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बनने वाले मेगा एआई डेटा सेंटर पर खर्च किया जाएगा। यह केंद्र एआई मॉडल ट्रेनिंग, क्लाउड सेवाओं और हाई-पावर कंप्यूटिंग का बड़ा हब बनेगा, जहां से भारत सहित आसपास के देशों को सेवाएं दी जाएंगी।
तेज और स्थिर इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए गूगल भारत को वैश्विक नेटवर्क से जोड़ने हेतु नए अंडरसी इंटरनेट केबल बिछा रहा है। इन केबल्स से भारत का सीधा कनेक्शन सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से होगा, जिससे डेटा ट्रांसफर की गति बढ़ेगी और रूट छोटा होगा।
कंपनी इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को संचालित करने के लिए स्वच्छ ऊर्जा संयंत्रों का उपयोग करेगी, ताकि डेटा सेंटर ग्रीन एनर्जी पर आधारित हो और कार्बन उत्सर्जन कम हो। गूगल का फोकस एआई विस्तार को पर्यावरण अनुकूल बनाना है।
सरकार के साथ मिलकर एआई को प्रशासनिक कार्यों में भी शामिल किया जाएगा। लाखों सरकारी कर्मचारियों को एआई टूल्स की सुविधा मिलेगी। छात्रों के लिए एआई आधारित ट्यूटर, रियल-टाइम ट्रांसलेशन और ऑनलाइन फ्रॉड डिटेक्शन टूल्स जैसे फीचर्स विकसित किए जाएंगे।
कंपनी का लक्ष्य 100 मिलियन से अधिक लोगों को एआई प्रशिक्षण देना है, जिससे छोटे शहरों और कस्बों तक तकनीक की पहुंच सुनिश्चित हो सके। इस निवेश से भारत को केवल एआई उपभोक्ता नहीं बल्कि वैश्विक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
डेटा सेंटर मूल रूप से उच्च क्षमता वाले सर्वरों का सुरक्षित परिसर होता है, जहां इंटरनेट, क्लाउड सेवाएं और एआई सिस्टम संचालित होते हैं। 24 घंटे बिजली, कूलिंग सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था के साथ ये केंद्र डिजिटल सेवाओं की रीढ़ माने जाते हैं। भारत में बड़े स्तर पर डेटा सेंटर स्थापित होने से लोकल डेटा प्रोसेसिंग, स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल नवाचार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।



