Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-03).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-02).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-01).jpg
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

डाईट जांजगीर में एफ. एल. एन.सह् नवीन पाठ्यपुस्तक BRG प्रशिक्षण सम्पन्न

जांजगीर-चांपा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान(डाइट जांजगीर) एफ. एल. एन. सह् नवीन पाठ्यपुस्तक पर आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया जिसमें नवीन पाठ्य पुस्तक में बच्चों को सीखने के पर्याप्त अवसर दिए गए है। बच्चों को सीखने के लिए घर एवं परिवेश से जुड़े विषय वस्तु को जोड़ा गया है। उक्त बातें प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्राचार्य बी पी साहू सर ने कही। उन्होंने कहा कि बच्चों में नैतिक विकास करना प्रमुख प्राथमिकता होनी चाहिए। समापन सत्र में सहायक प्राध्यापक बीपी जायसवाल FLN प्रभारी, प्रतिमा साहू मेडम,उमाशंकर राठौर सर, एवं मुनीर सर ने अपने विचार रखे।
हमारे देश मे नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। जिसके अनुरूप राष्ट्रीय पाठ्यचर्या का निर्माण किया गया है। हमारे छत्तीसगढ़ राज्य ने भी राज्य के अनुरूप पाठ्यचर्या का निर्माण किया है। पाठ्यचर्या में दिए गए उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए पाठ्य पुस्तकों में  बदलाव किया जा रहा है। जिसमें कक्षा पहली, दूसरी, तीसरी के पाठ्य पुस्तक को सत्र 2025-26 में बदला गया है एवं 2026-27 से प्राथमिक विद्यालय के कक्षा चौथी के  पुस्तक  में बदलाव किया जा रहा है। नवीन पाठ्य पुस्तक की शिक्षकों में समझ बने इसके लिए प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। जिला जांजगीर चांपा एवं सक्ति जिले के  बीआरजी को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जांजगीर में पांच दिवस का प्रशिक्षण दिया गया। जो आगामी दिनों में अपने-अपने विकासखंड में जोन में जाकर प्राइमरी विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।
इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में मुख्य रूप से गणित, हिंदी, अंग्रेजी, पर्यावरण एवं कला विषय पर फोकस किया गया। थीम आधरित पाठ के महत्व को बताया गया। सभी विषय के सीखने के अप्रोच  के बारे में बताया गया। साथ ही भाषा सिखाने के तरीकों पर चर्चा की गई। आकलन एवं मूल्यांकन पर विस्तार से चर्चा हुई । विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से, विभिन्न खेल के माध्यम से, हम बच्चों को पाठ्य वस्तु से कैसे जोड़े इस पर चर्चाएं हुई।
नैतिक शिक्षा एवं कला शिक्षा पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें संगीत, नृत्य ,दृश्य कला एवं रंगमंच कला का प्रदर्शन प्रतिभागियों ने किया। पाठ्य पुस्तक में हुए बदलावों को डीआरजी के द्वारा बताया गया।
प्रशिक्षण में डी आर जी गोवर्धन चंद्रा,पुष्पेंद्र कश्यप, रश्मि दुबे, अलकीन खान, बबिता कुर्रे,रामेश्वर आदित्य, रमेश चंद्रा, चंचला चंद्रा,रामलाल केंवट, गबेल सर जिवेंद्र चौहान द्वारा प्रशिक्षण दिया।
BRG में मुख्य रूप से राजेश कंवर, शरद चतुर्वेदी, धरमदास मानिकपुरी, शीला शर्मा,ईश्वर राठौर,दीपमाला सराफ, निहारिका साहू, ममता जायसवाल, गुरु प्रसाद भतपरे,गीतिका गबेल, सरोजनी यादव, रजनी डहरिया,  राजू खूंटे, सेवक महंत, ओमप्रकाश सोनी, निधि जायसवाल, संध्या सिंह, शालिनी शर्मा, नटराज साहू, निधि सोनी,प्रमोद राज,मोनिका पांडेय,चंद्रिकापटेल, रमाकांत, उमाकांत मधुकर,शिव साहू, चंदुलाल साहू व जिला जांजगीर चांपा व सक्ती जिला से बी आर जी के लिए विकासखण्ड से चयनित सभी बी आर जी उपस्थित थे।

See also  रायपुर : माइनिंग फर्म के साथ 1 करोड़ 29 लाख की ठगी...

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!