छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
पुलिस अधीक्षक में हुआ शिकायत, ग्राम पंचायत सकर्रा का मामला…

मालखरौदा-सकर्रा । सरपंच सहित पोर्टल के मालिक पर आपत्ति जनक पोस्ट करने एवं घोर शिकायत के लंबित को लेकर पुलिस अधीक्षक सक्ति में शिकायत की गई है। आरोप में आवेदक ने लिखित शिकायत में बताया है की सरपंच द्वारा किया गया भ्रष्टाचार के तहत बिना बिल वाउचर का राशि गबन जीवित व्यक्तियों को मृत घोषित जैसा एवं अन्य सभी भ्रष्टाचार किया जघंन्य अपराध कारित किया गया है। जो नीचे निम्नानुसार है। वही आरोप में बताया गया है मनोज गबेल सचिव् को मुफ्त खोरी,एवं कलेक्टर से भी बड़ा अधिकारी बना पंचायत सचिव का उल्लेखकर छोटा कर्मचारी सचिव को अपमानित अनिल तंबोली सक्ति से पोर्टल चलाकर किया गया हैं। वही इसी प्रकार आरोप में बताया है की ग्राम सकर्रा के जीवित व्यक्तियों को जानबूझकर मृत घोषित किया गया है। तत्कालीन सचिव द्वारा मृत घोषित नही लिखने पर पंच पति से लिखवाया गया है। जिसकी शिकायत शक्ति जिला नही बनने के कारण पुलिस अधीक्षक जिला जांजगीर-चांपा दिनांक 19/11/2020 को शिकायत किया जा चुका है। जिसकी आज तक जांच नहीं हुआ है। सभी पावती सुरक्षित है। वही इसी तरह वर्ष 2020 में ग्राम सकर्रा के जनीराम चंद्रा को भी कंडिका 2 के तरह मृत घोषित किया गया है। जिसकी शिकायत मालखरौदा अनुविभाग नही होने के कारण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी शक्ति दिनांक 26/10/2020 को किया जा चुका है। आज दिनांक तक जांच नही हुआ है। पावती सुरक्षित है। इसी तरह तत्कालीन सचिव को दबाव बनाकर नियम विरुद्ध चेक जारी कराया गया है। जिसका परिणाम तत्कालीन सचिव को छतीसगढ़ राज्य सूचना आयोग रायपुर से 3 प्रकरण पर 75000 का जुर्माना अपने तन्खवा से भरना पड़ रहा है। एवं सचिव को जुर्माना जैसे अपमान का सामना करना पड़ रहा है। जिसकी शिकायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी मालखरौदा में सरपंच के खिलाफ कार्यवाही दिनांक 25/09/2023 शिकायत किया जा चुका है। लेकिन आज दिनांक तक जांच नहीं हुआ है। पावती सुरक्षित है। वही इसी प्रकार सरपंच द्वारा एक ही नहीं अनेक निर्माण कार्यों को नियम विरुद्ध बिना बिल वाउचर का पेपर पर दिखाकर भ्रष्टाचार के तहत प्लानिंग मास्टरमाइंड का संयंत्र रचकर राशि को गबन किया जा चुका है। जिसका आरोप लगा है वही सभी पुक्ता शाक्ष्य सभी की मौजूद है।
बताया की सरपंच द्वारा एसपी कार्यालय में 3 पोर्टलों के खिलाफ शिकायत किया गया है। उक्त सभी पोर्टल वालों के द्वारा मेरे द्वारा प्रस्तुत लेटर के हिसाब से पोर्टल चलाया गया है। मेरे खिलाफ मानहानि का दावा कर सकती है मुझे स्वीकार है।
इन सभी शिकायत के कंडिका क्रमांक 1 से 6 तक को गंभीरता पूर्वक लेते हुए सरपंच के खिलाफ आवेदक ने कार्यवाही करने की मांग की गई। वही आवेदक ने टिप में बताया है की सरपंच के खिलाफ शिकायत तीन वर्ष पूर्व होने के कारण उक्त शिकायत का सरपंच के खिलाफ कार्यवाही कियें बिना मेरे द्वारा प्रस्तुत लेटर पर न्यूज़ पोर्टल वालों के खिलाफ व्यक्तिगत परेशान करने के उद्देश्य से कार्यवाही किए जाने पर भविष्य में होने वाली परेशानी का संबंधित स्वयं जिम्मेदार एवं जवाबदार होंगे, जिसकी चेतावनी उमाशंकर साहू ने दी है।



