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CG NEWS : महा-घोटाला: 100 साल पुराने ‘जिंदा नाले’ की हत्या! चंद रुपयों के लिए किसानों की किस्मत पर डाली जा रही ‘राख’…

रायगढ़। जिले में पर्यावरण और किसानों के हक पर डाका डालने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। विकास के नाम पर ‘विनाश’ के सौदागरों ने अब 100 साल पुराने प्राकृतिक जल स्रोत को ही दफन करना शुरू कर दिया है। SECL डोगनारा के पास स्थित वह ‘जिंदा नाला’, जो एक सदी से सैकड़ों परिवारों की प्यास बुझाता आ रहा था, अब फ्लाई ऐश (जहरीली राखड़) के नीचे दम तोड़ रहा है।

​साजिश की गहराई : कौन है इस तबाही का मास्टरमाइंड? -​खबर है कि ग्राम भोजिया की एक रसूखदार महिला अनीता गर्ग और उनके सहयोगियों ने मिलकर प्राकृतिक जलधारा का गला घोंटने की सुपारी ली है। हैरानी की बात यह है कि बिना किसी सरकारी परमिशन, बिना किसी डर के, खुलेआम भारी मशीनों और ट्रकों के जरिए नाले को पाटा जा रहा है। मौके पर जब ग्रामीणों ने विरोध किया, तो वहां मौजूद ‘बाहरी’ गुर्गों ने दादागिरी दिखाई, लेकिन उनके पास दिखाने के लिए कागज के नाम पर एक पुर्जा तक नहीं था।

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​100 एकड़ खेती पर मंडराया मौत का साया :​यह सिर्फ नाला नहीं, बल्कि डोगनारा के किसानों की रगों में दौड़ने वाला खून है। 100 साल पुराने इस नाले से 100 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती है। अगर यह नाला राखड़ से भर गया, तो :

* ​बाढ़ का तांडव: अगली बारिश में नाले का पानी गांव के घरों में घुसेगा।
* ​जहरीली खेती: फ्लाई ऐश का जहर खेतों में घुलकर फसलें बर्बाद कर देगा।
* ​मवेशियों की मौत: बेजुबान जानवर इसी नाले का पानी पीते हैं, जो अब जहरीला हो चुका है।

​प्रशासन को सीधी चुनौती : कब जागेगा कुंभकर्णी सिस्टम? -​अधिवक्ता और विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष भूपेन्द्र किशोर वैष्णव ने इस ‘पर्यावरणीय अपराध’ के खिलाफ शंखनाद कर दिया है। उन्होंने सीधे पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी और जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर पूछा है कि – क्या रसूखदारों को कानून से ऊपर रहने की छूट मिली हुई है?

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​धमाकेदार सवाल जो जनता पूछ रही है :
* ​आखिर किसकी शह पर करोड़ों का राखड़ बिना परमिशन नाले में फेंका जा रहा है?
* ​क्या प्रदूषण विभाग और स्थानीय प्रशासन ने भू-माफियाओं के आगे घुटने टेक दिए हैं?
* ​क्या सरकार एक जिंदा जल स्रोत की हत्या होने का तमाशा देखती रहेगी?

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​ चेतावनी : अब चुप नहीं रहेगा खरसिया!

​ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि यदि दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई और नाले को पुराने स्वरूप में बहाल नहीं किया गया, तो यह मामला केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा। जन-आंदोलन की आंच अब जिला मुख्यालय तक पहुंचेगी।

​ ​मांग: दोषी ट्रांसपोर्टर और कंपनी पर तत्काल FIR और भारी जुर्माना।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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