CG News: BSP लोहा चोरी कांड में बड़ा एक्शन! कारोबारी भास्कर मुदलियार गिरफ्तार,अब तक पकड़ाए 17 आरोपी

BSP Iron Theft Case: भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में करोड़ों रुपये के बहुचर्चित बीएसपी लोहा चोरी कांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस बार पुलिस ने वैशाली नगर निवासी और रसूखदार कारोबारी भास्कर मुदलियार को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। पुलिस का कहना है कि यह केवल लोहा चोरी का मामला नहीं, बल्कि प्लांट के भीतर और बाहर फैले एक संगठित नेटवर्क का खुलासा है, जिसकी जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर भास्कर मुदलियार की संलिप्तता सामने आई। जांच में पता चला कि उसकी गाड़ियां लंबे समय से भिलाई स्टील प्लांट के भीतर संचालित हो रही थीं और चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहनों से उसका संबंध मिला है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने पूछताछ की और शनिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
प्लांट के अंदर से मिल रही थी मदद
पुलिस जांच में इससे पहले भी कई अहम खुलासे हो चुके हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, बीएसपी के तत्कालीन जनरल मैनेजर हिमांशु भूषण मलिक और असिस्टेंट जनरल मैनेजर मनोज कुमार देवांगन कथित तौर पर इस गिरोह के संपर्क में थे और प्लांट के भीतर से सहयोग कर रहे थे।जांच में सामने आया कि गिरोह फ्लू डस्ट में आयरन स्क्रैप मिलाकर उसे प्लांट से बाहर भेजता था। इसके बाद इस सामग्री को एके ट्रेडर्स में जमा किया जाता था, जहां से पूरे नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था।
3.22 करोड़ रुपये का सामान किया था जब्त
इस मामले की शुरुआत 6 मई 2026 को हुई, जब भिलाई-3 पुलिस ने अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स और हथखोज क्षेत्र में छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में करीब 250 टन लौह स्क्रैप, कई ट्रक, हाईवा, जेसीबी, हाईड्रा सहित लगभग 3.22 करोड़ रुपये मूल्य का सामान जब्त किया गया था।
जांच अभी जारी, कई बड़े नाम आ सकते हैं सामने
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस संगठित गिरोह से जुड़े कई और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह अब तक की सबसे महत्वपूर्ण गिरफ्तारियों में से एक है और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए वित्तीय लेन-देन, वाहनों के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।



