गंभीर से गंभीर किस्म की बीमारियों के मरीजों के लिए संजीवनी साबित हो रहा ‘सेराजेम’, शुगर, ब्लड पे्रशर, सायटिका आदि से पीड़ित ढाई हजार से अधिक लोग उठा चुके हैं लाभ, कलेक्टोरेट चौक जांजगीर में संचालित भगवती बुध हेल्थ केयर सेंटर में दी जा रही फ्री थेरेपी…

दरअसल, दक्षिण कोरिया से शुरू हुई सेराजेम थेरेपी अब जांजगीर-चांपा जिले सहित छत्तीसगढ़ के ऐसे लोगों को भाने लगी है, जो अपनी शारीरिक समस्याओं से निजात पाना चाहते हैं। यही वजह है कि गंभीर से गंभीर किस्म की बीमारियों से जूझ रहे लोगों की जिला मुख्यालय जांजगीर के कलेक्टोरेट चैक में संचालित भगवती बुध हेल्थ केयर सेंटर में रोजाना सुबह से शाम तक भीड़ जुटती है, जिन्हें प्रशिक्षित ट्रेनरों द्वारा 40-40 मिनट की फ्री थेरेपी दी जाती है। थेरेपी से पहले इस सेंटर के डाॅयरेक्टर अरविंद कुमार, मैनेजर भारती सरवन, प्रशिक्षित ट्रेनर राजेश्वरी कैवर्त, नम्रता एवं दुर्गेश कुमार द्वारा मोटिवेशनल स्पीच देकर कुछ मिनट तक उपस्थित सभी लोगों को शारीरिक व्यायाम भी करवाया जाता है, जिससे लोगों को जीवन जीने का एक नया अनुभव भी प्राप्त हो रहा है। सेंटर की मैनेजर भारती सरवन ने बताया कि सेराजेम अनुभव सेंटर भारत सहित 77 देशों में 2500 से भी अधिक स्थानों पर संचालित है, जहां सुबह से शाम तक लोगों को फ्री थेरेपी दी जाती है। इस थेरेपी में कई लोगों को असाध्य रोगों में बहुत फायदा हुआ है। लकवा के कारण हाथ-पैर ऊपर उठाने में असमर्थ व्यक्ति इसकी सहायता से अपनी परेशानी दूर कर सकता है। आम तौर पर इस तरह के लोगों में एक सप्ताह के बाद ही फायदा नजर आने लगता है। इसी तरह कई अन्य प्रकार की समस्याएँ, जो पुरुषों या महिलाओं को परेशान करते हैं, जैसे घुटनों में दर्द आदि में पूरा फायदा मिलता है। उन्होंने बताया कि भगवती बुध हेल्थ केयर सेंटर पूर्व में रायगढ़ में संचालित था, जिसे बाद में चांपा में करीब आठ वर्षों तक संचालित किया गया। वर्तमान में यह सेंटर जांजगीर के कलेक्टोरेट चौक में संचालित हो रहा है, जहां दो साल के भीतर करीब ढ़ाई हजार लोगों को फ्री थेरेपी दी जा चुकी है। वहीं इस थेरेपी से प्रभावित होकर करीब दर्जन भर लोगों ने थेरेपी मशीन भी खरीदी है, जिसका वे अपने घरों पर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि थेरेपी सेंटर में किसी भी प्रकार की डाॅक्टरी सलाह नहीं दी जाती है। सेराजेम सेंटर केवल अनुभव परख और जानकारी मात्र के लिए है।
भगवती बुध हेल्थ केयर सेंटर जांजगीर की प्रशिक्षित टेªनर राजेश्वरी कैवत्र्य ने बताया कि दुनिया भर में अलग-अलग तरह के कई थेरेपी प्रचलित हैं। सेराजेम थेरेपी इन्हीं थेरेपियों में से एक है। सेराजेम नाम से आज साउथ कोरिया में एक कंपनी है, जो इस थेरेपी की मदद से 77 से भी ज्यादा देशों में लोगों का स्वास्थ्य सुधारने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि दक्षिण कोरिया से शुरू हुए इस थेरेपी का इस्तेमाल आज पूरे विश्व में किया जा रहा है। सेराजेम थेरेपी को विश्व की सर्वाधिक पुरानी थेरेपियों में से एक माना जाता है। जाहिर है अपने विशिष्ट गुणों के कारण ही इसका इस्तेमाल प्राचीनकाल से होता रहा है। सेराजेम थेरेपी के इस्तेमाल से आप कई असाध्य रोगों का उपचार कर सकते हैं।



