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छत्तीसगढ़ में बड़ा लोन स्कैम…झांसे में लेकर 150 अधिकारी, कर्मचारी और कारोबारियों को दिलाया 50 करोड़ का कर्ज… फिर 25% खा गए, विदेश भागने से पहले ही पुलिस नेऐसे दबोचा…

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में बड़ा लोन स्कैम का मामला सामने आया है। एक फर्जी कंपनी ने प्रदेश के 150 से ज्यादा अधिकारी, कर्मचारी और कारोबारियों को फोन किया। उन्हें आसानी से बिना किसी झंझट के बैंक से कर्ज दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने 50 करोड़ रुपए का अलग-अलग बैंक से लोगांे को कर्ज दिलाया। फिर 50 फीसदी यानी 25 करोड़ रुपए खुद रख लिए और बाकी 25 करोड़ लोगों को दिए। लोगों को झांसा दिए कि उन्हें किस्त जमा नहीं करना पड़ेगा। उनका किश्त कंपनी खुद जमा करेगी। कंपनी ने कुछ माह लोगों का किश्त जमा भी किया। उसके बाद बंद कर दिए। बैंक ने लोगों को नोटिस जारी किया तो हड़बड़ा गए। तब लोग कंपनी के दफ्तर पहुंचे। उन्हें झूठा आश्वासन देकर गुमराह करने लगे। पुलिस ने 15 लोगों की शिकायत पर ठगी का केस दर्ज कर लिया है। इसके बाद लोन दिलाने वाले फर्जी कंपनी के डायरेक्टर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।

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डीएसपी केसरी नायक ने बताया कि अंबिकापुर निवासी अभय गुप्ता, सुरेंद्र सिंह करियाम, मनोज भगत और रागिन हुसैन उर्फ वासु चोरों दोस्त हैं। चोरों अलग-अलग बैंक व फायनेंस कंपनी में एजेंट थे। लोगों को लोन दिलाने का काम करते थे। डेढ़ साल पहले चारों ने मिलकर खुद की आरवी ग्रुप एडवाइजर प्रा. लि. कंपनी शुरू की। छोटा पारा इलाके में इसका ऑफिस खोला। जहां पर गुढियारी की विभा वर्मा और पूजा यादव को नौकरी पर रखे थे। आरोपियों ने अलग-अलग बैंक से कर्ज दिलाने का अनुबंध किया। फिर लोगों को कर्ज दिलाते रहे।

पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों का नंबर ढूंढ़कर खुद फोन करते थे। घर बैठे कर्ज देने का झांसा देते थे। आरोपियों ने आयुर्वेदिक कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर त्रिभुवन सिंह को खुद फोन किया। उन्हें कर्ज देने का झांसा दिया। उन्हें 25 लाख की जरूरत थी, लेकिन आरोपियों ने चोलामंडलम से 12.15 लाख, इंडसइंड बैंक से 15 लाख, येस बैंक से 15 लाख, आईसीआईसीआई बैंक से 15 लाख और आदित्य बिरला से 15 लाख, इस तरह कुल 72.15 लाख का कर्ज लिया। उन्हें 36 लाख देकर अाधा पैसा खुद रख लिए। पांच माह तक किश्त जमा किए। फिर बंद कर दिए। आरोपी अब पैसा नहीं दे रहे हैं।

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पुलिस ने बताया कि लोगों से लिया पैसा आरोपियों ने शेयर मार्केट में निवेश किया है। इसके अलावा कुछ लोगों को ब्याज पर पैसा दिया है। कुछ पैसा जमीन के कारोबार पर लगाया है। आरोपियों को अधिकांश जगह नुकसान हुआ है। इसलिए आरोपी छत्तीसगढ़ छोड़कर विदेश भागने की तैयारी में थे। उससे पहले पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। इसमें कुछ आरोपियों का नाम सामने आया है। उनकी तलाश की जा रही है।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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