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म्यूल अकाउंट गिरोह पर चांपा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार, 18.17 लाख की साइबर ठगी का खुलासा

जांजगीर-चांपा, 20 जुलाई 2026। साइबर अपराधों पर शिकंजा कसते हुए थाना चांपा पुलिस ने म्यूल अकाउंट के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जांच में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी कमीशन के लालच में अपने नाम से बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना चांपा पुलिस ने समन्वय पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर कार्रवाई की। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के लेन-देन की गहन जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए म्यूल खातों के माध्यम से 18,17,216 रुपये की ऑनलाइन साइबर ठगी की राशि का लेन-देन किया गया था।
कमीशन के लालच में उपलब्ध कराए बैंक खाते
पुलिस के अनुसार आरोपी साइबर अपराधियों से कमीशन लेकर अपने नाम से बैंक खाते खुलवाते थे और उन्हें साइबर ठगों के उपयोग के लिए सौंप देते थे। ठगी से प्राप्त रकम सबसे पहले इन्हीं खातों में जमा की जाती थी, जिसके बाद उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर अपराधियों तक पहुंचाया जाता था। इस प्रक्रिया से साइबर ठग अपनी पहचान छिपाने का प्रयास करते थे।

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गिरफ्तार आरोपी

1. पिंकी डडसेना (37 वर्ष) निवासी बरपालीकला, थाना नगरदा, जिला सक्ती।

2. सूरज जांगड़े (24 वर्ष) निवासी हसौद, थाना शक्ति।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

क्या होता है म्यूल अकाउंट?

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म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है जिसे कोई व्यक्ति लालच या कमीशन के बदले साइबर अपराधियों को उपयोग के लिए उपलब्ध करा देता है। साइबर ठग इन खातों के माध्यम से ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजकर अपनी पहचान छिपाने का प्रयास करते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति भी कानून की नजर में अपराध का सहभागी माना जाता है और उसके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाती है।

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इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में निरीक्षक अशोक वैष्णव, उप निरीक्षक सत्यम चौहान, प्रधान आरक्षक रुकसाना बानो तथा आरक्षक ईश्वरी राठौर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जांजगीर-चांपा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी लालच या कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं, अन्यथा वे भी साइबर अपराध के मामले में कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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