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Balod Jamboree Corruption Case : राष्ट्रीय जंबूरी या भ्रष्टाचार का अड्डा? टेंट और टॉयलेट्स के नाम पर ठेकेदार ने लगाया करोड़ों का चूना

बालोद। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की राष्ट्रीय जंबूरी के नाम पर बालोद जिले में जनता के गाढ़े खून-पसीने की कमाई की सरेआम लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जंबूरी के आयोजन में सरकारी नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। ताजा खुलासे के अनुसार, महज 5 दिनों के लिए किराए पर लिए गए 400 अस्थायी टॉयलेट्स के बदले शासन से 88 लाख रुपये वसूले गए हैं, जो बाजार दर से चार गुना अधिक है।

भ्रष्टाचार की इस पूरी पटकथा में सबसे गंभीर आरोप जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और ‘अमर भारत किराया भंडार’ के संचालक के बीच सांठगांठ पर लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि जंबूरी के कार्यों के लिए आधिकारिक आदेश 05 जनवरी 2026 को जारी हुआ, लेकिन फर्म के संचालक जसपाल ने दो महीने पहले ही कार्यक्रम स्थल पर टेंट, लाइट और पानी का काम शुरू कर दिया था। यह सीधे तौर पर इस बात का संकेत है कि टेंडर प्रक्रिया महज एक औपचारिकता थी और यह पहले से तय था कि काम किसे दिया जाना है।

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हैरानी की बात यह है कि करीब 5 करोड़ 19 लाख रुपये के कुल टेंडर में से केवल शौचालय, मूत्रालय और नहाने की अस्थायी व्यवस्था के नाम पर 1.62 करोड़ रुपये का बिल बनाया गया है। एक टॉयलेट के लिए 22,000 रुपये का चार्ज वसूलना सीधे तौर पर सार्वजनिक धन की लूट को दर्शाता है। अन्य निविदाकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें नियमों का हवाला देकर काम शुरू करने से रोका गया, जबकि सत्ता की करीबी फर्म को बिना किसी वर्क ऑर्डर के काम करने की खुली छूट दी गई।

सूत्रों का दावा है कि ठेकेदार को एक ‘रसूखदार मंत्री’ का संरक्षण प्राप्त था, जिसके भरोसे उसने बाजार मूल्य से कई गुना ऊंची दरें प्रस्तुत कीं। यह मामला अब केवल आर्थिक अनियमितता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें प्रशासनिक मिलीभगत और राजनीतिक हस्तक्षेप की बू आ रही है। स्थानीय स्तर पर अब इस पूरे ‘जंबूरी घोटाले’ की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठने लगी है।

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सरकारी खजाने में इस तरह की सेंधमारी ने राज्य के प्रशासनिक तंत्र की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जागरूक नागरिकों और विपक्ष ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में किसी भी राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की आड़ में इस तरह का भ्रष्टाचार न किया जा सके।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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