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अस्थमा से केवल सांस नहीं उखड़ती, पेट को भी होता है नुकसान

अस्थमा सांस की एक खतरनाक बीमारी है. इसको लेकर आम धारणा यही है कि इस डिजीज का असर केवल फेफड़ों पर ही होता है, जबकि ऐसा नहीं है. अस्थमा के कारण पेट से लेकर आंतों तक को भी नुकसान होता है. खासतौर पर जब प्रदूषण बढ़ जाता है तो अस्थमा के मरीजों को पेट से जुड़ी बीमारियां भी होने लगती हैं. डॉक्टर इसको अस्थमा एंड गट कनेक्शन कहते हैं. इसलिए ही डॉक्टर प्रदूषण के इस समय में अस्थमा मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं.

पॉल्यूशन के कारण अस्थमा मरीजों में पेट की बीमारियां क्यों बढ़ जाती है और इससे बचाव कैसे करें. इस बारे में एक्सपर्ट्स से जानते हैं.दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में लिवर ट्रांसप्लांट और हेपेटो-बिलियरी सर्जरी विभाग के निदेशक और प्रमुख डॉ. उषस्त धीर (Dr. Ushast Dhir) बताते हैं कि अस्थमा के कई मरीज नाक की जगह मुंह से सांस लेते हैं. ऐसे में प्रदूषण में मौजूद छोटे- छोटे कण पेट में जाते हैं और आंतों में सूजन पैदा करते हैं. इससे कब्ज, एसिडिटी और आईबीएस जैसी बीमारियां होती है. जिनको पहले से ही ये समस्या है उनकी परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है.

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अस्थमा कैसे बढ़ाता है पेट की परेशानी?
डॉ धीर बताते हैं कि नाक से सांस लेते समय गंदी हवा फिल्टर भी होती है, लेकिन मुंह से ऐसा नहीं होता है. इस कारण प्रदूषण के कारण पेट में जाते हैं और सूजन करते हैं. इससे आंतों की लाइनिंग पर भी सूजन बढ़ने लगती है. जो समस्याएं पैदा करती हैं. कुछ मामलों में अस्थमा अटैक के दौरान शरीर को कम ऑक्सीजन मिलती है, जिससे पाचन धीमा हो जाता है और पेट भारी महसूस होता है.

डॉ धीर कहते हैं कि अस्थमा के कई मरीज एसिडिटी की समस्या से भी परेशान रहते हैं. कुछ मरीजों को सीने में जलन, खट्टा डकार जैसी समस्या भी होती है. जब प्रदूषण बढ़ जाता है तब अस्थमा मरीजों में पेट की समस्याएं ज्यादा देखी जाती है. ओपोडी में रोजाना ऐसे कई मरीज आते हैं जिनको पेट में दर्द से लेकर उल्टी- दस्त की शिकायत है. इनमें उन मरीजों की संख्या भी काफी है जिनको पहले से अस्थमा है.

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डॉ धीर के मुताबिक, अस्थमा से पीड़ित बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं सभी में इस तरह की परेशानी देखी जाती है.

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कैसे करें बचाव?
प्रदूषण से बचने के लिए मास्क लगाएं

अपनी अस्थमा की दवाएं समय पर लें

अपने पास इन्हेलर रखें

बहुत तला-भुना, मसालेदार और सिट्रिक फूड कम करें

ओवरईटिंग से बचें और छोटे-छोटे भोजन लें

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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