छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
पालकी में सवार होकर घर-घर दर्शन देने पहुंचे भगवान श्रीराधा- कृष्ण, अखण्ड रामनाम सप्ताह यज्ञ के समापन पश्चात निकाली गयी भव्य नगर यात्रा…

जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय के भगत चौक पुरानी बस्ती में अखण्ड राम नाम सप्ताह यज्ञ का समापन गुरूवार को पूरे विधी-विधान व राम नाम के जयकारे के साथ हुआ। तत्पश्चात यज्ञ स्थल भगत चौक से देवी दाई मंदिर के भगवात श्रीकृष्ण एवं राधा को पालकी में उठा भव्य नगर यात्रा निकाली गयी। यहां यह बताना लाजमि होगा श्रीकृष्णा राधा जी को पालकी में ऊठा कर पूरे मोहल्ले भर के घर-घर में ले जाता है, जहां महिलाओं भगवान की विधी-विधान से पूजा-अर्चना किये जाते है। भगवान श्रीकृष्ण के आगे-आगे विभिन्न गांवो से आये कीर्तन मण्डलियों द्वारा रामनाम का गायन विभिन्न झांकियों के साथ करते चलते है। मोहल्ले पुरानी मान्यताओं के अनुसार पूरे सात दिन भगवान श्री राधा कृष्ण का पूजा-अर्चना करने एवं राम नाम का गायन करने मोहल्लेवासी व बस्तीवासी यज्ञ स्थल पहुंचते है, लेकिन ठिक इसी के विपरीत अखण्ड राम नाम सप्ताह यज्ञ के समापन पश्चात पालकी में सवार होकर भगवान कृष्ण राधा सहित लोगों के घर स्वंय दर्शन देने पहुंचते है, जहां बाकेबिहारी जी का स्वागत घर-घर में महिलाओं को चौक-चंदन व आरती के थाल से किया जाता है। वहीं अखण्ड राम नाम सप्ताह के अंतिम रात दर्जनों गांवो के कीर्तन मण्डली राम नाम का गायन करने पहुँचे थे। जिसमें जय मां सरस्वती भागत किर्तन मण्डली जमड़ी, किर्तन मण्डल नवागढ़, किर्तन मण्डल गणपतनि, किर्तन मण्डली कांसा, किर्तन मण्डली बिर्रा बाल समाज सहित अनेकों किर्तन मण्डलियों ने भव्य झांकियों के साथ अपनी मनमोहन प्रस्तुति दी। वहीं राम नाम सप्ताह के अंतिम शाम छ.ग. विधानसभा के नेताप्रतिपक्ष नारायण चंदेल, प्रदेश कांग्र्रेस कमेटी संयुक्त महासचिव इंजी. रवि पाण्डेय, नगर पालिका परिषद जांजगीर-नैला के अध्यक्ष भगवान दास गढ़ेवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रमेश पैगवार, नपा. उपाध्यक्ष आशुतोष गोस्वामी, पार्षदगण विवेक सिंह सिसोदिया, उमेश राठौर, विष्णु यादव, हितेश यादव, सीमा राजू शर्मा, अमित यादव, विवेक सिंह, जितेन्द्र देवांगन जिला युवक कॉग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रिंश शर्मा सहित अनेकों जनप्रतिनिधियों ने भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में मत्था टेक विधी-विधान से श्रीराधाकृष्ण की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र के खुशहाली के लिए कामना किये। गुरूवार 30 नवम्बर को नगर यात्रा पश्चात एक दिसम्बर को हवन, सहस्त्र धारा के साथ ब्राम्हाण भोजन का आयोजन किया जायेगा।



