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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

ब्रेकिंग न्यूज: सक्ती जिला शिक्षा अधिकारी को हटाने नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने लिखा मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र… जाने क्या है कारण 

सक्ती जिला शिक्षा अधिकारी को हटाने नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने लिखा मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र… जाने क्या है कारण 
 
जांजगीर-चांपा। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल और भाजपा प्रत्याशी डॉ खिलावन साहू ने सक्ती जिले के अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्रों में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग और संचालक लोक शिक्षण संचनालय को पत्र लिखकर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी भरत लाल खरे के विरुद्ध प्राप्त जांच प्रतिवेदनों पर कार्यवाही करते हुए अविलंब हटाने की मांग किया है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि अपने प्रशासनिक स्थनान्तरण के विरुद्ध माननीय न्यायालय से स्थगन प्राप्त कर खरे लगातार कदाचरण कर रहें हैं ये शिक्षकों की पोस्टिंग घोटाले में दोषी पाए गए है। इनके विरुद्ध संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर ने फ़रवरी 2023 में ही जांच प्रतिवेदन संचालक को भेजकर सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के कंडिका 03 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा किया है। इसी आधार पर प्रदेश के लगभग 16 अधिकारीयों एवं कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है इनके विरूद्ध दो दो विभागीय जांच की जा चुकी है सभी जांच में दोषी पाये गए हैं इन्हें वर्ष 2015 में भी निलंबित किया जा चुका है। इनकी 05 वर्षों की वार्षिक वेतन वृद्धि भी रोकी जा चुकी है ये बच्चों की छात्रवृत्ति घोटाला एवं गणवेश घोटाला, बिजली घोटाला,सजेस भर्ती में गड़बड़ी, शिक्षकों की पोस्टिंग एवं जॉइनिंग के 06 माह बाद भी पदस्थापना बदलना, अपने कार्यकाल में 10 लाख रुपये वाहन किराया एवं नियम विरुद्ध आदेश पारित कर शासन को वित्तीय हानि पहुँचाना, विभाग में खरे सरनेम और परिवार के अभिलेख में भट्टाचार्य का उपयोग करना जैसे कदाचरणों से चर्चा में बने हुए हैं। विगत दिनों स्थानीय समाचार पत्रों में इनकी अनियमितता सुर्ख़ियों में रहा है इन्होने यह भी लिखा है कि इनके कार्यकाल में कार्यालय राजनीति का अड्डा बन गया है। सत्ताधारी पक्ष के नेता एवं संगठन के कुछ लोगों ने कार्यालय में पूरी तरह से कब्ज़ा कर लिया है इनके अधीनस्थ कर्मचारी चुनावी सभा में शामिल हो रहें हैं। विगत दिनों सिंगनसरा के ऐसे ही सभा में एक सहायक ग्रेड 02 उपस्थित रहकर सक्रिय था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह सहायक ग्रेड 02 विगत विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी मंच साझा करने के आधार पर इसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत निलंबित किया गया था परन्तु बिना आरोप पत्र जारी किये बिना बहाली आदेश के और बिना कार्य के नियमित वेतन लेते आ रहा है। जानकारी यह भी मिली है कि इस लिपिक को लाइब्रेरियन के पद के विरुद्ध वेतन दिया जा रहा है पद रिक्त नहीं होने पर भी इसे पोस्टिंग दिया गया है और यह स्थानीय राजनितिक नेतृत्व तक पहुंच का धौंस दिखाकर विगत 05 वर्षों से बिना कार्य के बिना उपस्थिति के वेतन लेते आ रहा है। संबंधित आहरण अधिकारी उपस्थिति पंजी में इसका माह में हस्ताक्षर कराकर वेतन देने विवश हैं और यह सब प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के जानकारी एवं संरक्षण में हो रहा है। इनके कृत्यों से  जिले के लगभग 01 लाख जातिगत मतदाता प्रभावित हो सकते हैं इसके पूर्व भी विभिन्न मिडिया समूह ने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध प्राप्त जांच प्रतिवेदन पर कार्यवाही लंबित रखने एवं विभिन्न अनियमितताओं को लेकर लगातार विज्ञप्ति जारी करते रहा है। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री ने भी बड़े बड़े दावे किये थे कि शिक्षकों की पोस्टिंग के नाम पर उगाही की गयी है यह एक प्रकार का बड़ा स्कैम है इसमें घोटाला साफ़ नजर आ रहा है इसमें जो भी दोषी पाए जायेंगे कार्यवाही की जाएगी। इनके दावे पर विश्वास करते हुए जांच प्रतिवेदन को इनके ध्यान में लाया गया था परन्तु जिस प्रकार से पुनः डी ई ओ सक्ती का प्रभार इन्हें दिया गया है इससे लगता है कि इनके पहुँच के आगे इनका भी दावा अभी तक झूठा ही शाबित हुआ है। अब देखना ये है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी जिले में निर्भिक,निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव करवाने के लिए क्या कार्यवाही करते हैं।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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