रक्षाबंधन के अवसर पर भाइयों ने भी अपनी बहनों को उपहार भेंट किए और सदैव उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहने तथा उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया। सुबह से ही बाजारों और घरों में रक्षाबंधन को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। बहनें राखी और पूजा की सामग्री लेकर भाइयों के घर पहुंचीं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भाई की कलाई पर राखी बांधी।
राखी में स्नेह, भाई के वचन में विश्वास
रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, आत्मीयता और अपनत्व के अटूट रिश्ते का प्रतीक है। बहन की राखी में जहां स्नेह और भावनाएं जुड़ी होती हैं, वहीं भाई का वचन बहन के प्रति सुरक्षा, सम्मान और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। यही इस पवित्र रिश्ते की सबसे खूबसूरत मिठास है।
इस अवसर पर परिवारों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बहनों ने भाइयों की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना की, वहीं भाइयों ने भी बहनों की खुशियों को हमेशा प्राथमिकता देने और जीवन के हर सुख-दुख में उनका साथ निभाने का संकल्प लिया। कई परिवारों में दूर रहने वाले भाई-बहन भी रक्षाबंधन के अवसर पर एक-दूसरे से मिलने पहुंचे, जिससे पर्व की खुशियां और बढ़ गईं।
डॉ. उमेश कुमार दुबे ने दी शुभकामनाएं
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर डॉ. उमेश कुमार दुबे ने सभी भाई-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि सभी के जीवन में प्रेम, खुशियां, समृद्धि और सफलता सदैव बनी रहे। उन्होंने कहा कि भाई-बहन का रिश्ता दुनिया के सबसे पवित्र और आत्मीय रिश्तों में से एक है। यह रिश्ता समय और परिस्थितियों के साथ और मजबूत होता जाता है।
उन्होंने कामना की कि भाई-बहन के बीच स्नेह, विश्वास और अपनत्व की भावना हमेशा बनी रहे तथा रक्षाबंधन का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख-शांति और खुशियां लेकर आए।
रक्षाबंधन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि रिश्तों की असली खूबसूरती प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे का साथ निभाने में है।