जिलाबदर आदेश की उड़ाई धज्जियां, किराए के मकान में छिपे बदमाश को पुलिस ने किया गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आदतन अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत जांजगीर-चांपा पुलिस ने जिलाबदर आदेश का उल्लंघन करने वाले एक बदमाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी छह जिलों से निष्कासित किए जाने के बावजूद अपनी पहचान छिपाकर जांजगीर शहर में किराए के मकान में रह रहा था।
पुलिस के अनुसार, शांतनु शांडेय (40 वर्ष), पिता मोहित राम शांडेय, निवासी ग्राम बिरगहनी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा के विरुद्ध पूर्व में कई गतिविधियों को देखते हुए थाना बलौदा द्वारा जिलाबदर की कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार कर जिला दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। सुनवाई के बाद जिला दंडाधिकारी ने मार्च 2026 में आरोपी को एक वर्ष के लिए जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर और बलौदाबाजार जिलों की सीमा में प्रवेश करने से प्रतिबंधित करते हुए निष्कासित करने का आदेश जारी किया था। इस आदेश की विधिवत तामील भी बलौदा पुलिस द्वारा कराई गई थी।
इसके बावजूद मंगलवार 28 जुलाई को जांजगीर पुलिस को सूचना मिली कि जिलाबदर आरोपी अपनी पहचान छिपाकर जांजगीर में किराए का मकान लेकर रह रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जहां आरोपी शांतनु शांडेय मिला। कार्रवाई के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम के साथ विवाद भी किया।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 170 बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, तहसील कार्यालय जांजगीर के समक्ष पेश किया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि जिलाबदर आदेश का उल्लंघन करने के मामले में आरोपी के विरुद्ध अलग से वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय (भा.पु.से.) ने पूर्व में सभी थाना प्रभारियों को आदतन अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखते हुए उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता (थाना प्रभारी चांपा), सहायक उपनिरीक्षक अरुण कुमार सिंह, थाना बलौदा के प्रधान आरक्षक गजाधर पाटनवार तथा आरक्षक रज्जुलाल रात्रे की विशेष भूमिका रही।



