Post Office SCSS: Post Office की दमदार स्कीम: घर बैठे हर 3 महीने में 61,500, सालाना 2.46 लाख की कमाई

नई दिल्ली: रिटायरमेंट के बाद नियमित आय और सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे वरिष्ठ नागरिकों के लिए पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) एक लोकप्रिय सरकारी योजना है। यह योजना सरकार की गारंटी के साथ आती है और वर्तमान में 8.2% सालाना ब्याज दर प्रदान करती है। इसके जरिए निवेशक हर तीन महीने में ब्याज की राशि प्राप्त कर सकते हैं।
30 लाख रुपये तक निवेश की सुविधा
पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम में न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है। इस योजना में अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश की अनुमति है। खाता व्यक्तिगत या पति-पत्नी के साथ संयुक्त (Joint Account) रूप में भी खोला जा सकता है।
कौन खोल सकता है खाता?
इस योजना में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर सकता है। इसके अलावा कुछ विशेष श्रेणियों को आयु सीमा में छूट भी दी गई है।
- VRS लेने वाले 55 से 60 वर्ष के बीच के व्यक्ति निर्धारित शर्तों के साथ खाता खोल सकते हैं।
- रक्षा सेवाओं से सेवानिवृत्त कर्मचारी 50 से 60 वर्ष की आयु के बीच भी पात्र हो सकते हैं।
5 साल की मैच्योरिटी, बढ़ाने का विकल्प
SCSS की मैच्योरिटी अवधि 5 वर्ष है। मैच्योरिटी के बाद निवेशक चाहें तो इसे नियमों के अनुसार 3 वर्ष के लिए आगे बढ़ा सकते हैं। यदि खाता समय से पहले बंद किया जाता है, तो लागू नियमों के अनुसार पेनल्टी देनी पड़ सकती है।
टैक्स छूट का भी लाभ
इस योजना में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है। हालांकि, टैक्स संबंधी लाभ व्यक्ति की कर व्यवस्था और पात्रता पर निर्भर करते हैं।
30 लाख निवेश पर कितना मिलेगा ब्याज?
यदि कोई निवेशक SCSS में 30 लाख रुपये निवेश करता है और ब्याज दर 8.2% सालाना रहती है, तो उसे एक वर्ष में केवल ब्याज के रूप में 2,46,000 रुपये मिलेंगे।
- सालाना ब्याज: 2,46,000 रुपये
- हर तीन महीने में ब्याज: 61,500 रुपये
यह ब्याज निवेशक के खाते में तिमाही आधार पर जमा किया जाता है। योजना में खाता खुलवाते समय जो ब्याज दर लागू होती है, वही पूरी मैच्योरिटी अवधि तक उस खाते पर लागू रहती है, भले ही बाद में सरकार नई दरें घोषित कर दे।
सरकारी गारंटी के साथ सुरक्षित निवेश
पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम को सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है, क्योंकि इसमें निवेश की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत सरकार की होती है। यदि खाताधारक की मैच्योरिटी से पहले मृत्यु हो जाती है, तो नियमों के अनुसार खाता बंद कर राशि नामांकित (Nominee) व्यक्ति को प्रदान की जाती है।



