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जिस विश्वविद्यालय में अल्बर्ट आइंस्टीन ने की थी पढ़ाई, उसी एथ ज्यूरिख  के वैज्ञानिकों से रूबरू हुए झालरौंदा विद्यालय के विद्यार्थी

सक्ति-जैजैपुर। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, झालरौंदा के विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रेरणादायक उपलब्धि हासिल करते हुए स्विट्जरलैंड के विश्व प्रसिद्ध ETH ज्यूरिख (Swiss Federal Institute of Technology Zurich) के वैज्ञानिकों के साथ ऑनलाइन संवाद किया। विशेष बात यह रही कि यही वह प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है जहाँ विश्व के महान वैज्ञानिक एवं नोबेल पुरस्कार विजेता अल्बर्ट आइंस्टीन ने अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की थी तथा बाद में प्रोफेसर के रूप में भी अपनी सेवाएँ दी थीं। ऐसे ऐतिहासिक और विश्वस्तरीय संस्थान के वैज्ञानिकों से सीधे संवाद का अवसर मिलना विद्यार्थियों के लिए अत्यंत गौरव और प्रेरणा का विषय रहा।
विद्यालय के शिक्षक महेन्द्र कुमार चन्द्रा के सतत प्रयासों और विश्वविद्यालय से किए गए पत्राचार के फलस्वरूप ETH ज़्यूरिख द्वारा विद्यार्थियों के लिए लगभग एक घंटे का विशेष ऑनलाइन वर्चुअल लैब विजिट एवं संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों को अत्याधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं का वर्चुअल भ्रमण कराया तथा आधुनिक वैज्ञानिक शोध, अनुसंधान पद्धति और नवाचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने विज्ञान, शोध, उच्च शिक्षा, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा भविष्य में विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों तक पहुँचने से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। वैज्ञानिकों ने सभी प्रश्नों का सरल एवं प्रेरणादायक ढंग से उत्तर देते हुए बताया कि निरंतर अध्ययन, जिज्ञासा, परिश्रम और नवाचार की सोच से कोई भी विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। बच्चों का उत्साह, आत्मविश्वास और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा पूरे सत्र के दौरान देखने योग्य रही।
वैज्ञानिकों ने विद्यालय में संचालित रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लैब की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के नवाचारपूर्ण प्रयासों की प्रशंसा की तथा उन्हें आगे के लिए शोध आधारित प्रोजेक्ट कार्य भी सुझाए। इससे विद्यार्थियों को वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय के साथ जुड़ने और नई तकनीकों पर कार्य करने की प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भारत और स्विट्जरलैंड के समय क्षेत्र (Time Zone), दोनों देशों की मुद्रा, शिक्षा व्यवस्था तथा अनुसंधान संस्कृति के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। यह अनुभव विद्यार्थियों के लिए केवल एक ऑनलाइन मुलाकात नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय शिक्षा, विज्ञान और अनुसंधान की दिशा में प्रेरणा देने वाला एक अविस्मरणीय अवसर सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने ETH ज़्यूरिख के वैज्ञानिकों का हृदय से आभार व्यक्त किया। ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय वैज्ञानिकों से जोड़ने की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव और प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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