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कोलकाता में टीएमसी के बागी विधायकों की विशेष बैठक, ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाया

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के सियासी गलियारों में सोमवार को उस वक्त भारी हलचल मच गई, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी गुट ने पार्टी नेतृत्व में एकतरफा बड़े बदलाव का दावा कर दिया। न्यूटाउन के एक बड़े होटल में आयोजित विशेष सत्र के बाद बागी नेताओं ने मीडिया के सामने एक बड़ा बयान जारी किया। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी को पार्टी के चेयरपर्सन पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह अब वरिष्ठ नेता अरूप रॉय को सर्वसम्मति से नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

अभिषेक बनर्जी पर भी गिरी गाज

इसके अलावा, बैठक में मौजूद बागी गुट के नेताओं ने राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को भी ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी के पद से निलंबित करने का एलान कर दिया। बागी नेताओं का साफ कहना है कि यह कड़ा निर्णय पार्टी के लिखित संविधान के तहत ही लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस विशेष सत्र में करीब 60 विधायक, कई पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष और 60 से अधिक पूर्व पार्षद शामिल हुए। बैठक में तुरंत एक नई 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन भी किया गया।

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नई कार्यसमिति का हुआ गठन

हालांकि, बागी गुट द्वारा घोषित इस नई समिति में जहां अरूप रॉय को शीर्ष कमान सौंपी गई है, वहीं संदीपन साहा, जावेद खान और रिताब्रता बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। इसके विपरीत, फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और रथिन घोष को उपाध्यक्ष बनाए जाने का दावा किया गया है। बागी नेताओं ने मीडिया को बताया कि अगले 21 दिनों के भीतर पार्टी के सभी फ्रंटल संगठनों का नए सिरे से पुनर्गठन किया जाएगा। फलस्वरूप, दोनों गुटों में कानूनी लड़ाई तय मानी जा रही है।

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कानूनी सलाह ले रहा बागी धड़ा

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अंततः, बागी नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे पार्टी के बैंक खातों और सांगठनिक नियंत्रण को पूरी तरह अपने हाथ में लेने के लिए वरिष्ठ वकीलों से कानूनी सलाह ले रहे हैं। इसके साथ ही, इस पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी जल्द ही चुनाव आयोग को भी भेजी जाएगी। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह को पूरी तरह से सड़क पर ला दिया है। अब सभी की नजरें ममता बनर्जी के आधिकारिक खेमे की अगली जवाबी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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