तेल-गैस की टेंशन होगी खत्म! जल्द ही भारतीय जहाजों के लिए खुलेगा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’, ईरानी राजदूत के बयान में बड़ा इशारा

न्यूज डेस्क : मध्य-पूर्व में जारी तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। भारत के कई शहरों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित हुई है और उपभोक्ताओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसी बीच खबर है कि आने वाले समय में भारत को इस संकट से कुछ राहत मिल सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर सुरक्षित मार्ग की संभावना
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय समुद्री जहाजों को जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित मार्ग मिल सकता है। उनके अनुसार इस मुद्दे पर बातचीत जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही सकारात्मक समाधान निकल सकता है।
भारत-ईरान संबंधों पर दिया जोर
बातचीत के दौरान ईरानी प्रतिनिधियों ने भारत और ईरान के पारंपरिक संबंधों को भी रेखांकित किया। ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग महत्वपूर्ण है और तेल-गैस सहित अन्य ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति को लेकर चर्चा जारी है।
https://x.com/ANI/status/2032442928254316624?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2032442928254316624%7Ctwgr%5E00f14698880f4ec2ce2610035973b2b80a71d9b9%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fnishaanebaz.com%2Findia-oil-gas-supply-hormuz-route-relief%2F
विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल आपूर्ति होती है। ऐसे में इस मार्ग की सुरक्षा ऊर्जा बाजार के लिए बेहद अहम मानी जाती है।
अमेरिका भी सुरक्षा देने को तैयार
दूसरी ओर मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने भी अपनी तैयारी जाहिर की है। व्हाइट हाउस की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी अन्ना केली के अनुसार, यदि जरूरत पड़ी तो अमेरिकी नौसेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को नौसैनिक सुरक्षा उपलब्ध करा सकती है।
कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होती है, तो भारत समेत कई देशों को तेल और गैस आपूर्ति के संकट से राहत मिल सकती है।



