Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

आज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्निपरीक्षा! हाईकोर्ट में होगी सुनवाई, मेडिकल रिपोर्ट के बाद गिरफ्तारी संभव

न्यूज डेस्क : इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित है। यह मामला जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की कोर्ट नंबर 72 में सूचीबद्ध है। कानूनी हलकों में इस बात को लेकर चर्चा है कि सीरियल नंबर 142 होने के कारण क्या आज इस पर प्रभावी सुनवाई हो पाएगी।

क्या होगी मेंशनिंग?
आमतौर पर सूची में इतने पीछे दर्ज मामलों की सुनवाई उसी दिन होना मुश्किल माना जाता है। हालांकि प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए बचाव पक्ष की ओर से इसे कोर्ट में ‘मेंशन’ किए जाने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि लंच के बाद इस केस की पुकार हो सकती है। यदि आज सुनवाई नहीं हो पाती, तो पुलिस को आगे की कार्रवाई के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है।

See also  नितिन गडकरी ने की पेट्रोल कारों के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत घटाने की घोषणा...

मेडिकल रिपोर्ट ने बढ़ाई मुश्किलें
हाल ही में कराए गए मेडिकल परीक्षण में नाबालिग बटुकों के साथ कथित यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने की बात सामने आई है। इस रिपोर्ट ने जांच एजेंसियों के पक्ष को मजबूत किया है। मामला पॉक्सो (POCSO) अधिनियम जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज है, जिससे गिरफ्तारी की आशंका और तेज हो गई है। इसी पृष्ठभूमि में दोनों आरोपियों ने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए अग्रिम जमानत की मांग की है।

बचाव पक्ष का पलटवार
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को ‘सत्ता की साजिश’ करार दिया है। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता और पुलिस की मिलीभगत से उन्हें फंसाया जा रहा है। बचाव पक्ष का दावा है कि जिन बच्चों को पीड़ित बताया जा रहा है, वे लंबे समय से शिकायतकर्ता के संपर्क में थे और इससे जुड़े साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए जाएंगे।

See also  ‘नो बेड’…रायपुर AIIMS में बढ़ा मरीजों का दबाव! बेड और जांच सुविधाओं की कमी से मरीज परेशान

‘कोड C27’ से जुड़ी जांच
इस प्रकरण में एक नया पहलू ‘कोड C27’ के रूप में सामने आया है। सूत्रों के अनुसार करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच भी जारी है। पुलिस न केवल यौन शोषण के आरोपों की तहकीकात कर रही है, बल्कि आश्रम के आर्थिक लेन-देन और कथित वित्तीय नेटवर्क की भी गहन पड़ताल कर रही है।

Advertisment

न्यायपालिका पर टिकी निगाहें
पीड़ित पक्ष के बयानों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब सबकी नजरें हाईकोर्ट की कार्यवाही पर हैं। यदि अदालत अग्रिम जमानत देने से इनकार करती है, तो उत्तर प्रदेश पुलिस किसी भी समय गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है।आज की सुनवाई इस बहुचर्चित मामले में निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।

See also  चोरभट्टी की राशन दुकान निलंबित...

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!