Budget session of Chhattisgarh : कल पेश होगा छत्तीसगढ़ का बजट : महतारी वंदन का दायरा बढ़ाने और युवाओं को रोजगार पर फोकस, पढ़िए राजयपाल का अभिभाषण

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल Ramen Deka के अभिभाषण से हुई। 20 मार्च तक चलने वाले इस सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 24 फरवरी को पेश किया जाएगा।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की अपार संभावनाएं हैं और सरकार मातृशक्ति सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है। इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee को राज्य निर्माण का श्रेय देते हुए उन्हें नमन किया।
सरकार की प्राथमिकताओं में किसानों को मजबूत करना, आधुनिक तकनीक से फसल का उचित मूल्य दिलाना और बाजार तक पहुंच आसान बनाना शामिल है। इस वर्ष 25 लाख से अधिक किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान खरीदा गया। 26.72 लाख किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है, जबकि 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को दीनदयाल कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत सालाना 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
राज्यपाल ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 532 नक्सलियों को न्यूट्रलाइज किया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों का बोनस 4500 से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया गया है। नवा रायपुर में 300 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा।
इस बार का बजट गुड गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और उद्योग पर केंद्रित रहेगा। युवाओं को सरकारी नौकरियां देने, महतारी वंदन योजना का दायरा बढ़ाने और जिलों में नालंदा लाइब्रेरी स्थापित करने की तैयारी है। शहरों में स्टेडियम और रिंग रोड निर्माण की योजना भी प्रस्तावित है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। पीएम सूर्यघर और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के लिए भी बजट में प्रावधान किया जाएगा।
सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष Raman Singh की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
शराब घोटाले से जुड़े मामले में अंतरिम जमानत पर आए पूर्व मंत्री Kawasi Lakhma को सशर्त रूप से सत्र में शामिल होने की अनुमति दी गई है। उन्हें अपने मामले पर बोलने की अनुमति नहीं होगी और उनकी उपस्थिति केवल विधानसभा कार्यवाही तक सीमित रहेगी।
सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 और छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2026 जैसे अहम विधेयक भी लाए जाएंगे। अब तक 2813 प्रश्न, 61 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और कई अन्य प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे स्पष्ट है कि सत्र राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम रहने वाला है।



