Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

भारत की ट्रेड डील से टेंशन में बांग्लादेश, चुनाव से पहले पहुंचा अमेरिका के दरवाजे पर

न्यूज डेस्क : अमेरिका और बांग्लादेश के बीच 9 फरवरी को संभावित ट्रेड एग्रीमेंट साइन होने जा रहा है, जो 12 फरवरी के राष्ट्रीय चुनाव से महज 72 घंटे पहले होगा। समझौते की शर्तों को गोपनीय रखने के कारण इस डील को लेकर राजनीतिक और आर्थिक हलकों में तीखी आलोचना हो रही है।

भारत-अमेरिका समझौते के बाद बढ़ा दबाव
भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट में भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18% किए जाने के बाद बांग्लादेश पर प्रतिस्पर्धी शर्तें हासिल करने का दबाव बढ़ गया है। ढाका की अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर अमेरिका को होने वाले रेडीमेड गारमेंट (RMG) निर्यात पर निर्भर है, जो उसके अमेरिकी एक्सपोर्ट का लगभग 90% माना जाता है।

See also  Raigarh News: रायगढ़ में डॉक्टर से फ्रॉड; सीटी स्कैन मशीन में लगाई नकली पिक्चर ट्यूब, लाखों लेकर कंपनी ने किए ये बड़े दावे

टैरिफ में चरणबद्ध कटौती
वाशिंगटन द्वारा अप्रैल 2025 में 37% टैरिफ लगाने के बाद बातचीत के जरिए इसे जुलाई में 35% और अगस्त में 20% तक लाया गया। नई ट्रेड डील के बाद टैरिफ घटकर करीब 15% होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे बांग्लादेशी निर्यात को राहत मिल सकती है।

गोपनीयता और राजनीतिक टाइमिंग पर सवाल
अंतरिम सरकार ने अमेरिका के साथ नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट साइन कर सभी वार्ताओं को गोपनीय रखा है। न तो संसद और न ही उद्योग जगत को ड्राफ्ट की जानकारी दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव से ठीक पहले ऐसा समझौता पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है और नई चुनी हुई सरकार के विकल्प सीमित कर सकता है।

See also  वन विभाग में नौकरी लगाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति आदेश जारी करने वाले 01 आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार...

संभावित शर्तें भी चर्चा में
रिपोर्ट्स के अनुसार समझौते में चीन से आयात घटाने, अमेरिका से रक्षा खरीद बढ़ाने, अमेरिकी उत्पादों को आसान बाजार पहुंच देने और अमेरिकी मानकों को स्वीकार करने जैसी शर्तें शामिल हो सकती हैं। इन प्रावधानों का बांग्लादेश की रणनीतिक और आर्थिक नीति पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है।

Advertisment

आगे क्या संकेत मिलते हैं
यदि यह डील साइन होती है, तो इसका असर दक्षिण एशिया के व्यापार संतुलन, अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा और क्षेत्रीय राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है। फिलहाल सबकी नजर चुनाव से पहले होने वाले इस समझौते और उसकी अंतिम शर्तों पर टिकी है।

See also  एआई को नेशनल फ्रेमवर्क में लाने के लिए ट्रंप ने साइन किया ऑर्डर…

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!