Budget 2026 : निर्मला के बजट में बड़े ऐलान! चिकित्सा पर्यटन के लिए होगी 5 केंद्रों की स्थापना, होंगे आयुर्वेद के तीन नए AIIMS की स्थापना

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करते हुए आत्मनिर्भर भारत, स्वास्थ्य, सेवा क्षेत्र और इंफ्रास्ट्रक्चर को केंद्र में रखा। बजट में आत्मनिर्भर भारत कोष के लिए 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ने का ऐलान किया गया है, जिससे घरेलू उद्योग और नवाचार को गति मिलेगी।
बायोफार्मा ‘शक्ति’ से भारत बनेगा वैश्विक हब
बायो-फार्मा सेक्टर को भविष्य का ग्रोथ इंजन बताते हुए वित्त मंत्री ने अगले 5 वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रावधान वाली बायोफार्मा शक्ति योजना की घोषणा की। इसका उद्देश्य भारत को बायोलॉजिक्स और एडवांस्ड फार्मास्यूटिकल्स के वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना है।
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा, पांच क्षेत्रीय केंद्र
स्वास्थ्य सेवाओं के निर्यात को बढ़ाने के लिए सरकार मेडिकल टूरिज्म के पांच क्षेत्रीय केंद्रों की स्थापना में राज्यों की मदद करेगी। इससे विदेशी मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मिलेगा और देश को बड़ी संख्या में रोजगार व विदेशी मुद्रा प्राप्त होगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेक्स पर रिकॉर्ड जोर
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय लक्ष्य बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया गया है। इसके साथ ही 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास को प्राथमिकता दी गई है। कुल सरकारी व्यय 53.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
शिक्षा से रोजगार तक, सेवा क्षेत्र बनेगा इंजन
सरकार ने शिक्षा-से-रोजगार और उद्यमिता को मजबूत करने के लिए एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति गठित करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य सेवा क्षेत्र को विकसित भारत का मुख्य चालक बनाना है।
साथ ही भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) को पोर्टफोलियो निवेश योजना के तहत सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों में निवेश की अनुमति दी गई है।
आयुष, खेल और क्रिएटिव इकोनॉमी को नई दिशा
बजट में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव है। खेल क्षेत्र में बड़े बदलाव के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू किया जाएगा।
AVGC सेक्टर में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी।
गरीबी, घाटा और वित्तीय अनुशासन
वित्त मंत्री ने बताया कि करीब 2.5 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं।
राजकोषीय घाटा FY27 में 4.3% रहने का अनुमान है, जो चालू वर्ष में 4.4% था। कर्ज-जीडीपी अनुपात को भी घटाकर 55.6% करने का लक्ष्य रखा गया है।
पर्यावरण और भविष्य की तैयारी
कार्बन अवशोषण और उपयोग योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा क्लाउड सर्विसेज़ को 2047 तक टैक्स-फ्री रखने की घोषणा भी बजट का अहम हिस्सा रही।



