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गर्दन और कमर दर्द से बचने के लिए बैठने का सही तरीक क्या है?

आजकल की लाइफस्टाइल में एक बड़ी दिक्कत है घंटों-घंटों तक बैठे रहना चाहे ऑफिस हो या पढ़ाई या फिर मोबाइल पर स्क्रॉलिंग करते हुए. दिन का ज्यादातर समय एक जगह बैठे रहने में बीत रहा है. लेकिन क्या आपने सोचा है कि गलत तरीके से बैठना धीरे-धीरे आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है? लगातार बैठे रहने से शुरू में हल्की-फुल्की थकान या जकड़न महसूस होती है. लेकिन वक्त के साथ यही आदत गर्दन और कमर के लिए बड़ी समस्या बन सकती है.

अक्सर लोग मानते हैं कि दर्द का कारण उम्र बढ़ना या हड्डियों की कमजोरी है. लेकिन हकीकत ये है कि गलत बैठने की पोजीशन के कारण ये समस्या होती है. काम करते वक्त लगातार झुक कर बैठना या फिर लंबे समय कर एक ही पोजीशन में बैठे रहने कारण रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ जाता है. यही दबाव धीरे-धीरे मसल्स को कमजोर कर देता है. जिसके बाद डिस्क की दिक्कत होने लगती है.

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गलत बैठने वाली पोजिशन्स

ये सभी आदतें Text Neck और Computer Neck जैसी बीमारियों का कारण बनती है. जिसमें गर्दन में दर्द और जकड़न के साथ-साथ गर्दन की मसल्स पर दबाव बढ़ता है जिससे लंबे समय के लिए रीढ़ की हड्डी डैमेज हो सकती है.

लैपटॉप और कंप्यूटर के सामने घंटों बैठे रहना
स्क्रीन का लेवल आंखों के लेवल से नीचे रहना
गर्दन का लगातार झुके रहना
स्लिप डिस्क का बढ़ता खतरा

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25 से 35 साल के युवा लोगों में स्लिप डिस्क की समस्या के मामले लगातार देखे जा रहे हैं. स्लिप डिस्क के साथ क्रॉनिक Back Pain भी होने लगता है. हैरान करने वाली बात ये है कि ये सभी दिक्कतें इतनी धीरे होती हैं कि हमें पता भी नहीं चलता.

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तो आखिर इसका हल क्या है?

इसके बारे में मैक्स अस्पताल में आर्थोपेडिक विभाग में यूनिट हैड डॉ. अखिलेश यादव ने कुछ टिप्स साझा किए हैं.

जब भी आप कुर्सी पर बैठें, तो पीठ पूरी तरह सीधी रखें.
रीढ़ की हड्डी को नैचुरल “S-शेप” में सपोर्ट दें.
अगर कुर्सी हार्ड है, तो कमर के पीछे एक छोटा तकिया या कुशन लगाएं.
पैरों को हमेशा ज़मीन पर टिका कर रखें.
क्रॉस लेग या बहुत ऊंची कुर्सी पर बैठना शरीर का बैलेंस बिगाड़ देता है.
लैपटॉप या कंप्यूटर का स्क्रीन हमेशा आंखों के स्तर पर होनी चाहिए.
आप मॉनिटर को थोड़ा ऊपर आंखों के लेवल पर सेट कर सकते हैं.
मोबाइल ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो उसे आंखों के लेवल तक उठाकर देखें,
बार-बार गर्दन झुकाने से बचें. हर 30 से 40 मिनट में अपनी सीट से उठकर थोड़ा टहलें.
स्ट्रेचिंग करें, गर्दन और कंधे घुमाएं. ये छोटे-छोटे ब्रेक लंबे समय में बड़ा फायदा देते हैं.
एक्सरसाइज भी बेहद जरूरी

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बैठने की सही पोजीशन के साथ-साथ एक्सरसाइज भी बेहद जरूरी है. रोज़ाना 15-20 मिनट की हल्की वॉक, योगासन जैसे भुजंगासन, ताड़ासन और मकरासन कमर और गर्दन को मजबूती देते हैं. अगर आप डेस्क जॉब करते हैं, तो “चाइल्ड पोज़” और “कैट-काऊ स्ट्रेच” जरूर करें. ये आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाते हैं और दर्द से बचाते हैं.

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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