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शिक्षक साझा मंच ने किया विसंगति पूर्ण युक्तियुक्तकरण का विरोध

4 जून को भी करेंगे काउंसलिंग का बहिष्कार
दावा आपत्ति का पर्याप्त समय नहीं देने से शिक्षकों में आक्रोश
जांजगीर-चांपा। जांजगीर जिला में दोपहर दो बजे से व्याख्याता संवर्ग का काउंसलिंग आयोजित किया गया था।
शिक्षक साझा मंच के पदाधिकारियों ने काउंसलिंग स्थल पर जाकर विसंगति पूर्ण युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में भाग नहीं लेने का अपील किया। शिक्षक साझा मंच के अपील पर काउंसलिंग में शामिल शिक्षकों ने काउंसलिंग का बहिष्कार करते हुए नारेबाजी करते हुए आडिटोरियम के मेन गेट के पास नारेबाजी कर दो घंटे तक धरना दिया।
शिक्षक साझा मंच के प्रदेश सह संयोजक बसंत चतुर्वेदी, जिला संयोजक संतोष शुक्ला, सत्येंद्र सिंह, विकास सिंह, रविन्द्र राठौर ने संबोधित करते हुए कहा कि युक्तियुक्तकरण सेटअप 2008 के विपरीत है, 2008 में वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत पद के अनुरूप प्राथमिक विद्यालयों में 60 विद्यार्थियों पर एक प्रधान पाठक एवं दो सहायक शिक्षक तथा पूर्व माध्यमिक शाला में एक प्रधान पाठक व चार शिक्षक का पद यथावत रखा जावे। हाई व हायर सेकंडरी स्कूल में वाणिज्य संकाय व संस्कृत के पद को कम न किया जावे, विसंगतिपूर्ण, भेदभावपूर्ण, सेटअप 2008 के विपरीत युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही को तत्काल स्थगित करने का मांग किया।
भविष्य में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के लिए दिशा निर्देश जारी करने के पूर्व समस्त शैक्षिक संगठनों से चर्चा कर सुझाव लिया जाय जिससे शिक्षक व विद्यार्थी हित प्रभावित न हो।
शिक्षक साझा मंच जिला जांजगीर चांपा द्वारा सेटअप 2008 का पालन नहीं किए जाने के कारण 4 जून को आयोजित युक्तियुक्तकरण काउंसलिंग का विरोध एवं बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षक साझा मंच जिला जांजगीर चांपा द्वारा सभी संघ पदाधिकारियों व शिक्षकों से काउंसलिंग बहिष्कार करने हेतु 4 जुन को 9.30 बजे उपस्थित होने की अपील की है।
काउंसलिंग का विरोध करने के लिए शिक्षक साझा मंच के प्रदेश सह संयोजक बसंत चतुर्वेदी, जिला संयोजक संतोष शुक्ला, सत्येंद्र सिंह, विकास सिंह, रविन्द्र राठौर, योगेंद्र शुक्ला, विनोद चौबे, विकेश केशरवानी, सैयद रफीक, धनंजय शुक्ला, हरीश गोपाल, संजीव राठौर, शैलेश दुबे, शंकर यादव, राजीव नयन शुक्ला, जीवन लाल यादव, दिलीप भारती, भूपेंद्र नेमी, संगीता सोनी, डिंपी देवांगन, संगीता कसेर, अमिता सावरकर सहित अनेकों शिक्षक शामिल थे।



